अमेरिका ने मार्च 2025 में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए बिटकॉइन और अन्य डिजिटल संपत्तियों का एक राष्ट्रीय भंडार स्थापित किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर इस "स्ट्रैटेजिक बिटकॉइन रिजर्व" और "यूएस डिजिटल एसेट स्टॉकपाइल" की स्थापना की घोषणा की।
🇺🇸 स्ट्रैटेजिक बिटकॉइन रिजर्व: क्या है यह?
यह रिजर्व अमेरिकी सरकार द्वारा जब्त की गई क्रिप्टोकरेंसीज़ का संग्रह है, जिसमें मुख्य रूप से बिटकॉइन शामिल हैं। इसका उद्देश्य इन डिजिटल संपत्तियों को एक रणनीतिक राष्ट्रीय भंडार के रूप में सुरक्षित रखना है, जिसे "डिजिटल फोर्ट नॉक्स" के रूप में भी जाना जा रहा है।
व्हाइट हाउस के क्रिप्टो ज़ार डेविड सैक्स ने बताया कि इस रिजर्व में जमा बिटकॉइन को बेचा नहीं जाएगा; बल्कि इसे एक संपत्ति के रूप में रखा जाएगा। यह कदम टैक्सपेयर्स के पैसे का उपयोग किए बिना उठाया गया है।
📊 रिजर्व में शामिल क्रिप्टोकरेंसीज़
राष्ट्रपति ट्रम्प ने जिन पांच प्रमुख डिजिटल संपत्तियों को इस रिजर्व में शामिल करने की योजना बनाई है, वे हैं:
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बिटकॉइन (BTC)
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ईथर (ETH)
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एक्सआरपी (XRP)
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सोलाना (SOL)
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कार्डानो (ADA)
इनमें से अधिकांश संपत्तियाँ अमेरिकी डॉलर से समर्थित हैं, जिससे डॉलर की वैश्विक प्रभुत्व को बनाए रखने में मदद मिलती है।
📉 बिटकॉइन की कीमतों पर प्रभाव
इस घोषणा के बाद, बिटकॉइन की कीमतों में लगभग 5% की गिरावट आई। हालांकि, यह गिरावट अस्थायी प्रतीत होती है, और वर्तमान में बिटकॉइन की कीमत ₹76.88 लाख के आसपास है।
🏛️ व्हाइट हाउस की क्रिप्टो समिट
6 मार्च 2025 को, राष्ट्रपति ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में पहली क्रिप्टो समिट का आयोजन किया, जिसमें प्रमुख क्रिप्टो कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस समिट का उद्देश्य डिजिटल संपत्तियों के भविष्य और उनके नियमन पर चर्चा करना था।
🌐 वैश्विक परिप्रेक्ष्य
अमेरिका के इस कदम से अन्य देशों को भी प्रेरणा मिल सकती है। उदाहरण के लिए, भूटान ने अपनी जलविद्युत संसाधनों का उपयोग करके बिटकॉइन माइनिंग की है, और अब तक $750 मिलियन मूल्य की बिटकॉइन जमा की है।
🔮 भविष्य की दिशा
अमेरिका का यह कदम क्रिप्टोकरेंसी को एक वैध और स्थिर संपत्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। यह कदम वैश्विक वित्तीय प्रणाली में डिजिटल संपत्तियों की भूमिका को मजबूत कर सकता है।
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