नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए एक व्यक्ति को अपनी 18 वर्षीय गर्भवती बेटी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी पिता ने कथित तौर पर 'सामाजिक बदनामी' से बचने के लिए युवती को आगरा स्थित चंबल नदी में डुबोकर मार दिया। इस नृशंस घटना में साजिश रचने और अपराध को अंजाम देने में मदद करने के आरोप में आरोपी के एक रिश्तेदार को भी गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामला 31 जुलाई को सामने आया था, जब टिगरी थाना क्षेत्र में पुलिस को एक पीसीआर (PCR) कॉल प्राप्त हुई। कॉलर ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने अपनी ही बेटी की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तत्काल अपहरण तथा हत्या की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

शुक्रवार को जारी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के बयान के अनुसार, जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतका कथित तौर पर शादी से बाहर के संबंधों के कारण गर्भवती हो गई थी। जब इस बात की जानकारी उसके पिता को हुई, तो उसे सामाजिक धब्बे और बदनामी का भय सताने लगा। इसी 'इज्जत' के डर ने उसे हत्या की ऐसी दरिंदगी तक पहुंचा दिया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पिता ने युवती को आगरा ले जाकर चंबल नदी में डुबोकर उसकी हत्या की। प्रारंभिक जांच में साफ हुआ कि यह वारदात अकेले की गई नहीं थी। पिता के साथ उसका एक रिश्तेदार भी इस गंभीर अपराध में शामिल था, जिसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

वर्तमान में पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि हत्या की साजिश कब रची गई, इसमें कितने लोगों की संलिप्तता है और घटना को किस तरह अंजाम दिया गया। आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ अन्य संभावित साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।

सामाजिक दबाव और कानूनी परिप्रेक्ष्य: यह मामला 'प्रतिष्ठा के नाम पर' होने वाले अपराधों (Honor Crimes) की क्रूरता को एक बार फिर सामने लाता है। कानून के जानकारों का मानना है कि किसी भी परिस्थिति में सामाजिक दबाव या पारिवारिक 'इज्जत' के नाम पर किसी व्यक्ति के जीवन का अधिकार नहीं छीना जा सकता। मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों का कहना है कि परिवारों में खुलकर संवाद और संकट के समय कानूनी या मानसिक सहायता लेना इस तरह की हिंसक घटनाओं को रोक सकता है।

फिलहाल, दिल्ली पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ एक सटीक चार्जशीट तैयार कर अदालत में पेश की जाएगी, ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।