नवा रायपुर: आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) परिसर में आयोजित दो दिवसीय उत्सव 'आदि परब' का विषय ‘परंपरा से पहचान तक’ रखा गया था। इसमें छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों के लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी।
1. नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार और विकास का वादा:
दृढ़ संकल्प: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सरकार बस्तर को पिछले 40 वर्षों के पिछड़ेपन और नक्सली हिंसा के साये से बाहर निकाल रही है।
शांति बहाली: उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ जल्द ही नक्सल मुक्त होगा, जिससे जनजातीय समाज में अमन-चैन और आर्थिक समृद्धि आएगी।
2. 'आदि परब' की वैश्विक उपलब्धि:
इस आयोजन ने छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाया:
वर्ल्ड रिकॉर्ड: 'आदि परब' की चित्रकला और परिधान प्रदर्शनी को ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक एकता: उत्सव में छत्तीसगढ़ की 43 जनजातियों के साथ-साथ तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के कलाकारों ने भाग लेकर सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन किया।
3. शिक्षा के क्षेत्र में नई सौगात:
मुख्यमंत्री ने जनजातीय युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का लोकार्पण किया:
नया छात्रावास: TRTI परिसर में ₹5 करोड़ की लागत से निर्मित 100 सीटों वाले अत्याधुनिक छात्रावास का उद्घाटन किया गया। यह छात्रावास उच्च शिक्षा और शोध (Research) करने वाले आदिवासी छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
प्रमुख जानकारी: एक नज़र में
| विवरण | मुख्य तथ्य |
| आयोजन का नाम | आदि परब (दो दिवसीय) |
| थीम | परंपरा से पहचान तक |
| पुरस्कार | गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (चित्रकला/परिधान) |
| लोकार्पण | ₹5 करोड़ का 100 सीटर छात्रावास |
| सहभागी राज्य | छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड |
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