दुबई/यरुशलम। इजराइल की वायुसेना ने शुक्रवार को सीरिया के भीतर कई रणनीतिक ठिकानों पर भीषण हमले किए। इजराइली सेना (IDF) ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई दक्षिणी सीरिया के स्वेदा (Sweida) प्रांत में अल्पसंख्यक द्रूज समुदाय पर हुए हमलों का करारा जवाब है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी व्यापक युद्ध के दौरान सीरियाई क्षेत्र पर यह इजराइल का पहला बड़ा हमला माना जा रहा है।

हमले का कारण: द्रूज आबादी की सुरक्षा

इजराइल ने इस सैन्य हस्तक्षेप के पीछे मानवीय और भावनात्मक कारण बताए हैं:

  • स्वेदा में हिंसा: दक्षिणी सीरिया के स्वेदा क्षेत्र में द्रूज आबादी को हाल ही में निशाना बनाया गया था। इजराइल में भी द्रूज समुदाय की एक प्रभावशाली और बड़ी आबादी रहती है, जो इजराइली समाज और सेना का अभिन्न हिस्सा है।

  • बुनियादी ढांचे पर चोट: इजराइली सेना ने बताया कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई में सीरिया के उस बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को ध्वस्त कर दिया है जिसका इस्तेमाल द्रूज विरोधी हमलों के लिए किया जा रहा था।

सीरिया और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी 'सना' (SANA) ने फिलहाल इन हमलों की आधिकारिक पुष्टि या क्षति का विवरण जारी नहीं किया है। हालांकि, युद्ध की निगरानी करने वाले समूहों का कहना है कि धमाके काफी जोरदार थे और स्वेदा के बाहरी इलाकों में भारी नुकसान हुआ है।

इजराइल के लिए क्यों महत्वपूर्ण है द्रूज समुदाय?

यह पहली बार नहीं है जब इजराइल ने सीरिया में द्रूज समुदाय के लिए हस्तक्षेप किया है। इसके पीछे कई रणनीतिक कारण हैं:

  1. इजराइल में द्रूज: इजराइल में रहने वाले द्रूज नागरिक देश के प्रति अत्यंत वफादार माने जाते हैं और वे अनिवार्य सैन्य सेवा (IDF) में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।

  2. ऐतिहासिक हस्तक्षेप: इजराइल पहले भी सीरियाई रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय और सरकारी लड़ाकों के काफिलों पर हवाई हमले कर चुका है ताकि द्रूज बहुल इलाकों को अस्थिर होने से बचाया जा सके।

  3. बफर जोन: स्वेदा प्रांत इजराइल की सीमा के करीब है, और वहां स्थिरता सुनिश्चित करना इजराइल की अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

युद्ध का नया मोर्चा?

विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे त्रिकोणीय युद्ध में सीरिया का शामिल होना स्थिति को और जटिल बना सकता है। अब तक सीरिया इस सीधे संघर्ष से काफी हद तक दूर था, लेकिन इजराइल के इस कदम ने दमिश्क को भी युद्ध की आग के करीब ला खड़ा किया है।


प्रमुख तथ्य: एक नज़र में

  • प्रभावित क्षेत्र: स्वेदा (दक्षिणी सीरिया)।

  • इजराइली रणनीति: अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा के बहाने सीरियाई सैन्य ढांचे को कमजोर करना।

  • वर्तमान स्थिति: खाड़ी में तनाव चरम पर, ईरान समर्थित समूहों और इजराइल के बीच आमने-सामने की जंग।

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