कराची (20 मार्च 2026): बुधवार रात से शुरू हुआ बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला गुरुवार सुबह तक जारी रहा। शहर के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।
1. कोरांगी में सबसे बड़ी त्रासदी: 12 लोगों की मौत
सबसे दर्दनाक घटना कोरांगी इलाके में हुई, जहाँ एक टेलीफोन एक्सचेंज (दूरभाष केंद्र) की छत और दीवार अचानक ढह गई।
विवरण: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संगहार मलिक के अनुसार, जिस समय यह हादसा हुआ, लोग वहां बैठकर चाय पी रहे थे। मलबे में दबने से 12 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
बचाव कार्य: सईदबाद के मोचको गोठ में भी एक इमारत गिर गई है, जहाँ रेस्क्यू टीम अभी भी मलबा हटा रही है। आशंका है कि मलबे के नीचे और भी लोग दबे हो सकते हैं।
2. अन्य क्षेत्रों में हताहतों का विवरण
डीआईजी (DIG) असद रजा ने शहर के अन्य हिस्सों में हुई मौतों की जानकारी साझा की:
दंपति की मौत: कोरांगी में ही एक घर की छत गिरने से उसमें सो रहे पति-पत्नी की जान चली गई।
आकाशीय बिजली: मलिर (Malir) क्षेत्र में बिजली गिरने की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई।
क्लिफ्टन और लांधी: क्लिफ्टन में एक विशाल पेड़ गिरने से उसके नीचे दबकर एक महिला की मौत हो गई, जबकि लांधी की मजीद कॉलोनी से भी मौतों की सूचना मिली है।
3. जनजीवन अस्त-व्यस्त और प्रशासन की अपील
बिजली संकट: 'जियो टीवी' की रिपोर्ट के अनुसार, तेज हवाओं और शॉर्ट सर्किट के डर से शहर के आधे से ज्यादा हिस्सों में बिजली काट दी गई है।
मेयर की चेतावनी: कराची के मेयर मुर्तजा वहाब ने लोगों से घरों में रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। सड़कों पर पेड़ और साइनबोर्ड गिरने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मौसम का पूर्वानुमान: पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (PMD) ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक कराची और सिंध के अन्य हिस्सों में और अधिक बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
प्रमुख आंकड़े (एक नजर में):
| घटना का प्रकार | स्थान | मौतों की संख्या |
| दीवार/छत गिरना | कोरांगी (टेलीफोन एक्सचेंज) | 12 |
| छत गिरना | कोरांगी (घर) | 02 |
| आकाशीय बिजली | मलिर | 02 |
| पेड़ गिरना | क्लिफ्टन | 01 |
| अन्य हादसे | लांधी व अन्य | 02 |
निष्कर्ष: हाई अलर्ट पर कराची
भारी बारिश ने कराची के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी है। प्रशासन फिलहाल मलबे के नीचे फंसे लोगों को निकालने और सड़कों से गिरे हुए पेड़ों को हटाने में जुटा है। नागरिकों को बिजली के खंभों और जर्जर इमारतों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
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