छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा ₹2,100 करोड़ के कथित शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किए गए चैतन्य बघेल द्वारा दायर की गई थी।
मामले का विवरण
ED ने आरोप लगाया है कि चैतन्य बघेल ने शेल कंपनियों के माध्यम से ₹16.7 करोड़ की अवैध धनराशि का लेन-देन किया और ₹22 करोड़ का निवेश किया, जिसमें से ₹16.7 करोड़ एक रियल एस्टेट परियोजना में लगाया गया। इस मामले में ED ने 7,039 पृष्ठों का अभियोजन पत्र दाखिल किया है, जिसमें डिजिटल साक्ष्य भी शामिल हैं।
न्यायालय का निर्णय
उच्च न्यायालय ने चैतन्य बघेल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें निचली अदालत में नई याचिका दायर करने की अनुमति दी है। न्यायालय ने कहा कि चैतन्य बघेल की याचिका में कोई विशेष परिस्थिति नहीं पाई गई, जिसके आधार पर अग्रिम जमानत दी जा सकती।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस निर्णय के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा कि चैतन्य बघेल का सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह उनके खिलाफ हैं। भूपेश बघेल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की और इस मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाया।
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