रायपुर, 25 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ में लगभग एक लाख सरकारी शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य होगा। यह आदेश उन शिक्षकों पर भी लागू होता है जो 2011 में लागू हुए शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम से पहले नियुक्त हुए थे। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि इन शिक्षकों को दो वर्षों के भीतर TET पास करना होगा, अन्यथा उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ेगा।
TET अनिवार्यता का असर
इस आदेश के बाद, छत्तीसगढ़ में लगभग एक लाख ऐसे शिक्षक प्रभावित होंगे जिन्होंने अभी तक TET परीक्षा नहीं दी है। राज्य सरकार ने इस संबंध में तैयारी शुरू कर दी है और आगामी CG TET परीक्षा की तिथि 1 फरवरी 2026 निर्धारित की है। सरकार ने शिक्षकों को इस परीक्षा के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।
शिक्षक संगठनों की प्रतिक्रिया
राज्य के शिक्षक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चिंता जताई है। शिक्षक संघों ने मांग की है कि सरकार कार्यरत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता से राहत प्रदान करे और विभागीय परीक्षा आयोजित करे। संगठनों ने यह भी सुझाव दिया है कि सरकार इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करे ताकि शिक्षकों की नौकरी पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
उत्तर प्रदेश सरकार की पहल
उत्तर प्रदेश में भी ढाई लाख से अधिक शिक्षक बिना TET के कार्यरत हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करें। उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षकों को उनके अनुभव और प्रशिक्षण के आधार पर राहत मिलनी चाहिए।
छत्तीसगढ़ में संभावित समाधान
छत्तीसगढ़ में भी शिक्षक संगठनों ने राज्य सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने सुझाव दिया है कि सरकार कार्यरत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता से राहत प्रदान करे और विभागीय परीक्षा आयोजित करे। इसके अलावा, संगठनों ने सरकार से यह भी आग्रह किया है कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करें ताकि शिक्षकों की नौकरी पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
निष्कर्ष
सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश देश भर में शिक्षा व्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगा। छत्तीसगढ़ में लगभग एक लाख शिक्षक इस आदेश से प्रभावित होंगे। राज्य सरकार और शिक्षक संगठन इस मुद्दे पर सक्रिय रूप से विचार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी विकास हो सकते हैं।
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