छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) परीक्षा घोटाले में सीबीआई ने सोमवार को विशेष अदालत में 2,000 पन्नों का पूरक चालान पेश किया है। इसमें 25 पन्नों का सारांश और एक पेन ड्राइव भी शामिल है, जिसमें आरोपियों के खिलाफ महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य हैं।
🔍 मुख्य आरोप और खुलासे
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सीबीआई के अनुसार, 2020 से 2022 के बीच हुई CGPSC परीक्षाओं में तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव और अन्य अधिकारियों ने अपने रिश्तेदारों को चयनित करने के लिए नियमों का उल्लंघन किया।
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तत्कालीन अध्यक्ष के बेटे, बहु, भतीजे और भतीजी को डिप्टी कलेक्टर, डिप्टी एसपी और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर चयनित किया गया।
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तत्कालीन सचिव के बेटे को भी डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित किया गया।
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सीबीआई ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तत्कालीन अध्यक्ष, सचिव, परीक्षा नियंत्रक और उनके रिश्तेदार शामिल हैं।
⚖️ कानूनी कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
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सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
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अगली सुनवाई 5 दिसंबर को होगी, जिसमें आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर विचार किया जाएगा।
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सीबीआई ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया है।
यह घोटाला राज्य के प्रशासनिक ढांचे में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद की गंभीर समस्या को उजागर करता है। सीबीआई की जांच और अदालत की कार्रवाई से उम्मीद जताई जा रही है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी।
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