नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): भारत की अगली राष्ट्रीय जनगणना (Census 2027) के लिए डिजिटल पोर्टल का परीक्षण शुरू हो गया है। लोकसभा अध्यक्ष ने आज स्वयं अपना डिजिटल डेटा पोर्टल पर दर्ज कर इस अभियान की शुरुआत की।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • सेल्फ-एन्यूमरेशन: अब नागरिक सरकारी ऐप या वेब पोर्टल के जरिए घर बैठे अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकते हैं।

  • पेपरलेस डेटा: 2027 की जनगणना पूरी तरह पेपरलेस होगी, जिससे डेटा प्रोसेसिंग में लगने वाला समय 2 साल से घटकर 6 महीने रह जाएगा।

  • गोपनीयता: सरकार ने आश्वासन दिया है कि नागरिकों का व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड रहेगा।

  • उद्देश्य: सटीक और ताज़ा डेटा से सरकारी योजनाओं (राशन, शिक्षा, स्वास्थ्य) के आवंटन में पारदर्शिता और कुशलता आएगी।

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