जेल महानिदेशक (डीजी जेल) हिमांशु गुप्ता द्वारा छत्तीसगढ़ के बिलासपुर केंद्रीय जेल का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस उच्चस्तरीय दौरे का उद्देश्य जेल परिसर की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष जायजा लेना, कैदियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और जेल प्रशासन को अधिक प्रभावी तथा सुधारवादी बनाना था।


प्रमुख बिंदु एवं घोषणाएं

  • संवादात्मक पहल और शैक्षणिक सत्र: निरीक्षण के दौरान डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने एक अनूठी पहल करते हुए कैदियों की अंग्रेजी भाषा की कक्षा ली। उन्होंने कैदियों को अध्ययन और भाषा सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिए, साथ ही उनकी व्यक्तिगत समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को तुरंत आवश्यक निर्देश जारी किए।

  • कौशल विकास एवं रोजगार सृजन: कैदियों के पुनर्वास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जेल के भीतर औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत निम्नलिखित मशीनें स्थापित की जाएंगी:

    • कलर ऑफसेट प्रिंटिंग मशीन

    • एलईडी बल्ब एवं ट्यूबलाइट निर्माण हेतु सेटअप

  • शिक्षा और लाइब्रेरी का सुदृढ़ीकरण: कैदियों के बौद्धिक विकास और सकारात्मक बदलाव के लिए जेल की लाइब्रेरी में स्मार्ट बोर्ड की स्थापना तथा टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडियन एक्सप्रेस, हितवाद जैसे प्रमुख अंग्रेजी समाचार पत्रों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

  • बुनियादी सुविधाएं और स्वास्थ्य प्रबंधन: कैदियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और खान-पान को बेहतर बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं:

    • शुद्ध पेयजल के लिए 20 आरओ (RO) वाटर प्यूरीफायर की व्यवस्था।

    • रसोईघर के लिए ऑटोमेटिक रोटी मेकर मशीन

    • कैदियों के भोजन हेतु 2,000 थाली सेट का वितरण।

    • महिला जेल परिसर में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए इन्वर्टर की स्वीकृति।