धमतरी/नगरी: छत्तीसगढ़ का धमतरी जिला अब अपनी पहचान 'सफेद सोना' यानी मखाना उत्पादन के रूप में स्थापित करने जा रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के बाद, धमतरी को राष्ट्रीय मखाना बोर्ड में शामिल कर लिया गया है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद जिला प्रशासन ने नगरी वनांचल क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मखाना खेती की एक वृहद कार्ययोजना को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है।

100 एकड़ में मखाना उत्पादन का लक्ष्य

नगरी क्षेत्र की जलवायु और जल उपलब्धता को मखाना उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल माना गया है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने मखाना खेती के लिए 100 एकड़ भूमि चिन्हांकित की है।

  • शुरुआती चरण: वर्तमान में संकरा क्षेत्र के 25 एकड़ रकबे में मखाना की खेती की तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं।

  • स्व-सहायता समूहों की भूमिका: इस पूरी योजना का केंद्र महिला स्व-सहायता समूह (SHGs) हैं, जिन्हें खेती से लेकर प्रसंस्करण (Processing) तक का जिम्मा सौंपा जा रहा है।

मखाना: कम लागत, अधिक मुनाफा

विशेषज्ञों के अनुसार, मखाना एक नकदी फसल है जो किसानों की आय को दोगुना करने की अपार क्षमता रखती है।

  • न्यूनतम खर्च: एक बार फसल लगाने के बाद, पिछले सत्र के बचे हुए बीजों से ही नए पौधे अंकुरित हो जाते हैं, जिससे बीज पर होने वाला खर्च कम हो जाता है।

  • स्थिर जल निकायों का उपयोग: तालाबों और डबरियों (आर्द्रभूमि) का उपयोग कर महिलाएं अपनी खाली पड़ी जमीन से स्थायी आय प्राप्त कर सकेंगी।

केंद्रीय कृषि मंत्री की बड़ी सौगात

उल्लेखनीय है कि नवंबर 2025 में अपने धमतरी प्रवास के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिले को मखाना बोर्ड में शामिल करने की घोषणा की थी।

  • नई योजना: भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 से 'सेंट्रल सेक्टर स्कीम फॉर डेवलपमेंट ऑफ मखाना' प्रारंभ की गई है, जिसमें शत-प्रतिशत केंद्रीय अनुदान का प्रावधान है।

  • प्रसंस्करण इकाई: मखाना की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के लिए माइक्रो और स्माल लेवल इकाइयों की स्थापना पर 35% से 50% तक की सब्सिडी दी जा रही है।

कलेक्टर का निर्देश: 'धमतरी बने प्रदेश का मॉडल'

धमतरी कलेक्टर ने हाल ही में संकरा क्षेत्र का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कृषि और उद्यानिकी विभाग को समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं:

  1. तकनीकी प्रशिक्षण: महिलाओं को उन्नत किस्म के बीज और आधुनिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

  2. विपणन (Marketing): मखाना के विक्रय के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाएगा ताकि बिचौलियों के बिना महिलाओं को सीधा लाभ मिले।

  3. विस्तार: आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से मखाना खेती के रकबे को बढ़ाया जाएगा।

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