मुंगेर/लखीसराय (बिहार): मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी 'समृद्धि यात्रा' के तहत बिहार के मुंगेर और लखीसराय जिलों का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने न केवल करोड़ों की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, बल्कि जमीन पर चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाएं समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ पूरी होनी चाहिए।
विकास योजनाओं का जिलावार विवरण:
1. मुंगेर जिला (कुल 119 करोड़ रुपये)
मुंगेर में मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे और सामुदायिक सुविधाओं पर जोर दिया:
उद्घाटन: 87 करोड़ रुपये की लागत से 52 योजनाओं का लोकार्पण किया गया, जो अब जनता की सेवा के लिए तैयार हैं।
शिलान्यास: 32 करोड़ रुपये की लागत वाली 26 नई योजनाओं की नींव रखी गई।
प्रमुख क्षेत्र: इसमें ग्रामीण सड़कें, पुल-पुलिया और पेयजल आपूर्ति जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
2. लखीसराय जिला (कुल 326 करोड़ रुपये)
लखीसराय को इस यात्रा के दौरान बड़ा निवेश मिला है:
उद्घाटन: 118 करोड़ रुपये की 117 योजनाओं का उद्घाटन किया गया।
शिलान्यास: 208 करोड़ रुपये की 144 नई परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ, जो जिले की तस्वीर बदलने वाली साबित होंगी।
विकास का पैमाना: लखीसराय में निवेश की बड़ी राशि शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई क्षेत्र के सुधारों की ओर संकेत करती है।
समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु:
मुख्यमंत्री ने दोनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया:
गुणवत्ता नियंत्रण: निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समय सीमा: लंबित योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने का लक्ष्य।
जन संवाद: योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, यह सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है।
निष्कर्ष:
नीतीश कुमार की यह यात्रा दर्शाती है कि 'न्याय के साथ विकास' के अपने नारे को वे धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुंगेर और लखीसराय जैसे जिलों में इतने बड़े पैमाने पर निवेश से स्थानीय रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
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