मुंबई/नयी दिल्ली (3 अप्रैल 2026): नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने डिजिटल भुगतान को और अधिक सुरक्षित और तेज़ बनाने के लिए 'बायोमेट्रिक फेशियल रिकग्निशन' भुगतान प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट पूरा कर लिया है। अब ग्राहकों को मोबाइल निकालने या पिन डालने की जरूरत नहीं होगी।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
कैसे काम करेगा सिस्टम: मर्चेंट आउटलेट्स पर लगे 'स्मार्ट कैमरा' ग्राहक के चेहरे को स्कैन करेंगे और उनके लिंक किए गए बैंक खाते से भुगतान कर देंगे। यह तकनीक 'लाइवनेस डिटेक्शन' (Liveness Detection) पर आधारित है, जिसे फोटो या वीडियो से धोखा नहीं दिया जा सकता।
वरिष्ठ नागरिकों को लाभ: यह उन बुजुर्गों के लिए वरदान है जो पिन याद रखने या छोटे बटनों वाले फोन चलाने में कठिनाई महसूस करते हैं। केवल कैमरे के सामने देखने मात्र से पेंशन या राशन का भुगतान संभव होगा।
सुरक्षा प्रोटोकॉल: डेटा गोपनीयता बनाए रखने के लिए चेहरे का डेटा बैंकों के पास 'एन्क्रिप्टेड कोड' के रूप में रहेगा, न कि फोटो के रूप में। आरबीआई ने इसके लिए कड़े सुरक्षा मानक तय किए हैं।
भविष्य का रिटेल: सुपरमार्केट और मेट्रो स्टेशनों पर 'पे-बाय-फेस' गेट लगाए जा रहे हैं, जिससे लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी और चेक-आउट का समय 2 सेकंड से भी कम रह जाएगा।
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