नयी दिल्ली (17 मार्च 2026): न्यू अशोक नगर थाना क्षेत्र के दल्लूपुरा गांव में एक युवक पवन कुमार की उस समय मौत हो गई, जब वह अपनी लाइसेंसी पिस्तौल के साथ वीडियो बनवा रहा था। घटना का सबसे भयावह पहलू यह है कि पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई।
घटनाक्रम और वायरल वीडियो की हकीकत:
वीडियो रिकॉर्डिंग: पुलिस के अनुसार, पवन का रिश्तेदार हिमांशु मोबाइल से वीडियो बना रहा था। वीडियो में पवन को पिस्तौल में गोली (कारतूस) डालते हुए देखा जा सकता है।
चेतावनी के बावजूद हादसा: वीडियो में हिमांशु को पवन को निर्देश देते और "गोली न चलाने" की चेतावनी देते हुए सुना जा सकता है। ऐसा प्रतीत होता है कि हिमांशु को पवन के आत्मघाती इरादों का आभास नहीं था।
जानलेवा कदम: अचानक पवन ने पिस्तौल अपने सीने के बाईं ओर रखी और ट्रिगर दबा दिया। उसे अचेत अवस्था में वसुंधरा एन्क्लेव के धर्मशिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी:
हथियार और मोबाइल जब्त: पुलिस ने घटनास्थल से हिमांशु की लाइसेंसी पिस्तौल, 10 जिंदा कारतूस और वह मोबाइल फोन जब्त कर लिया है जिससे वीडियो बनाया जा रहा था।
कानूनी धाराएं: न्यू अशोक नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और शस्त्र अधिनियम (Arms Act) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच का विषय: पुलिस अब इस कोण से जांच कर रही है कि क्या यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई मानसिक तनाव या अन्य कारण शामिल थे। साथ ही, हथियार के मालिक (हिमांशु) की लापरवाही की भी जांच की जा रही है।
निष्कर्ष:
यह घटना एक कड़वी चेतावनी है कि हथियार कोई खिलौना नहीं हैं। विशेष रूप से युवाओं में वीडियो बनाने की होड़ में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखना जानलेवा साबित हो रहा है। हथियारों के लाइसेंस धारकों की यह नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है कि वे सुनिश्चित करें कि उनका हथियार किसी भी स्थिति में असुरक्षित हाथों में न जाए।
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