कोलकाता/बारानगर: टोबिन रोड चौराहे पर हुई इस घटना के दौरान दोनों पार्टियों के उम्मीदवार—भाजपा के सजल घोष और TMC की सायंतिका बंद्योपाध्याय—मौके पर मौजूद थे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि केंद्रीय बलों और स्थानीय पुलिस को बीच-बचाव करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
विवाद का मुख्य कारण और आरोप-प्रत्यारोप:
भाजपा का पक्ष (सजल घोष): * आरोप लगाया कि सायंतिका बंद्योपाध्याय के नेतृत्व में TMC कार्यकर्ताओं ने भाजपा के चुनावी पोस्टर और होर्डिंग फाड़ दिए।
दावा किया कि सत्ताधारी दल के समर्थक भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं।
TMC का पक्ष (सायंतिका बंद्योपाध्याय):
पलटवार करते हुए कहा कि सजल घोष बाहर से असामाजिक तत्वों को लेकर आए हैं ताकि क्षेत्र की शांति भंग की जा सके।
आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने TMC कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की है। उन्होंने कहा, "हम इसका विरोध शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से करेंगे।"
मैदान-ए-जंग बना टोबिन रोड:
सुरक्षा बलों की चुनौती: सैकड़ों समर्थकों के आमने-सामने आ जाने और नारेबाजी के कारण स्थिति अनियंत्रित होने लगी थी। लगभग एक घंटे के हंगामे के बाद सुरक्षा बल भीड़ को तितर-बितर कर पाए।
जनजीवन प्रभावित: इस राजनीतिक रस्साकशी के कारण व्यस्त बीटी रोड (BT Road) और टोबिन रोड चौराहे पर घंटों तक यातायात बाधित रहा, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वर्तमान स्थिति:
इलाके में भारी पुलिस बल और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है। निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने इस घटना का संज्ञान लिया है और स्थानीय प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है ताकि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें।
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