महराजगंज (UP): सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और यूपी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर अपनी 'सामाजिक सद्भाव महारैली' के सिलसिले में महराजगंज पहुंचे थे। इसी दौरान एक युवक द्वारा काला झंडा दिखाने से रैली स्थल के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना का विवरण और पुलिस कार्रवाई:
काला झंडा: जब मंत्री का काफिला जिला मुख्यालय की ओर बढ़ रहा था, तभी एक युवक ने सुरक्षा घेरा तोड़कर काला झंडा लहराया।
हिरासत: सुभासपा कार्यकर्ताओं के युवक तक पहुँचने से पहले ही मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने उसे हिरासत में ले लिया। फिलहाल पुलिस उस युवक की पहचान और इस विरोध के पीछे के 'मोटिव' (कारण) की जांच कर रही है।
राजभर के तीखे बोल: निशाने पर अखिलेश यादव
विरोध के बावजूद राजभर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और विपक्षी गठबंधन पर जमकर निशाना साधा:
जीत का 'अपशकुन': राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव जहाँ भी चुनाव प्रचार करने जाते हैं, वहां अंततः भाजपा नीत एनडीए (NDA) की ही जीत होती है।
बंगाल पर दावा: उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में राजग (NDA) की ही सरकार बनेगी।
लक्ष्य 2027: राजभर ने स्पष्ट किया कि उनकी ये 75 जिलों की रैलियां 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए जमीन तैयार करने और एनडीए के आधार को मजबूत करने के लिए हैं।
'सामाजिक सद्भाव महारैली' का उद्देश्य:
यह रैली सुभासपा की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत पिछड़ों और अति-पिछड़ों को एकजुट कर आगामी चुनावों में अपनी हिस्सेदारी तय की जा सके। राजभर का कहना है कि यह रैलियां समाज के हर वर्ग को साथ लाने का एक बड़ा माध्यम हैं।
निष्कर्ष:
काला झंडा दिखाए जाने की घटना यह दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर कुछ वर्गों में असंतोष हो सकता है, लेकिन ओम प्रकाश राजभर के तेवरों से साफ है कि वे इस तरह के विरोध से विचलित होने वाले नहीं हैं। उनकी नजरें फिलहाल 2027 के चुनावों और बंगाल में एनडीए की संभावनाओं पर टिकी हैं।
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