राजनांदगांव जिले के शांतिनगर में न्यू सांई सरस्वती उत्सव समिति द्वारा आयोजित सरस्वती पूजा पंडाल में एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। यहाँ मां सरस्वती की प्रतिमा को पांच शेरों के बीच स्थापित किया गया है, जो श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। समिति के सदस्य पंडाल में 'सेवा जस' गीत का आयोजन भी कर रहे हैं, जिससे धार्मिक वातावरण और भी भव्य हो गया है।
🦁 पंडाल की विशेषताएँ
पंडाल में स्थापित मां सरस्वती की प्रतिमा को पांच शेरों के बीच रखा गया है, जो शक्ति और ज्ञान के प्रतीक हैं। यह दृश्य दर्शाता है कि ज्ञान की देवी भी शक्ति के साथ विराजमान हैं। पंडाल की सजावट और विद्युत सज्जा ने इसे और भी आकर्षक बना दिया है।
🎶 'सेवा जस' गीत का आयोजन
समिति के सदस्य पंडाल में 'सेवा जस' गीत का आयोजन कर रहे हैं, जो एक पारंपरिक धार्मिक गीत है। इस गीत के माध्यम से वे मां सरस्वती की महिमा का गुणगान कर रहे हैं और श्रद्धालुओं को धार्मिक वातावरण का अनुभव करा रहे हैं।
इस प्रकार के आयोजनों से यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय समुदाय अपनी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है। राजनांदगांव के शांतिनगर में आयोजित यह सरस्वती पूजा पंडाल एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है कि कैसे धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराएँ एक साथ मिलकर समाज को जोड़ने का कार्य करती हैं।
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