जयपुर (2 अप्रैल 2026): अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) विशाल बंसल ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
1. सटीक सूचना पर भारी इनाम और गोपनीयता:
इनाम की घोषणा: यदि कोई नागरिक या अभ्यर्थी परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक या नकल गिरोह से जुड़ी सटीक सूचना देता है, तो उसे सरकार की ओर से 1 लाख रुपए का नकद इनाम दिया जाएगा।
पहचान की सुरक्षा: सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी ताकि उसे किसी प्रकार का खतरा न हो।
2. इन गतिविधियों पर रहेगी पैनी नजर (Target Areas):
SOG ने उन संभावित तरीकों की पहचान की है जिनसे परीक्षा प्रभावित हो सकती है:
प्रश्नपत्र लीक (Paper Leak): प्रिंटिंग प्रेस से लेकर परीक्षा केंद्र तक पेपर की सुरक्षा।
ब्लूटूथ डिवाइस: तकनीक के जरिए नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर जैमर और गहन तलाशी।
डमी अभ्यर्थी (Proxy Candidates): असली परीक्षार्थी की जगह किसी और को बैठाने (मुलजिम) की कोशिशों को रोकने के लिए बायोमेट्रिक और आधार सत्यापन।
3. महत्वपूर्ण संपर्क सूत्र (Helpline):
किसी भी संदिग्ध गतिविधि या गड़बड़ी की सूचना तुरंत साझा करने के लिए SOG ने विशेष हेल्पलाइन जारी की है:
SOG वॉट्सऐप हेल्पलाइन नंबर: 9530429258
उपयोग: इस नंबर पर कॉल या मैसेज के जरिए गिरोह या संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी दी जा सकती है।
4. परीक्षा की तैयारी और सुरक्षा प्रोटोकॉल:
विशेष टीमें: परीक्षा केंद्रों और कोचिंग सेंटरों के आसपास SOG की विशेष टीमें सादे कपड़ों में तैनात रहेंगी।
निगरानी: सोशल मीडिया पर 'पेपर लीक' की झूठी अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष:
राजस्थान सरकार और पुलिस प्रशासन के लिए यह परीक्षा एक बड़ी अग्निपरीक्षा है। ₹1 लाख के इनाम की घोषणा यह दर्शाती है कि विभाग अब जनता को भी इस लड़ाई में साझीदार बनाना चाहता है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी 'ठग' या 'बिचौलिए' के झांसे में न आएं और केवल अपनी मेहनत पर भरोसा करें।
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