नयी दिल्ली: राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र से आए ट्रक और बस बॉडी बनाने वाले छोटे निर्माताओं के अस्तित्व पर मंडरा रहे संकट को लेकर कांग्रेस नेतृत्व ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। बुधवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से उनके आवास पर मुलाकात की।
प्रमुख समस्याएँ और चिंताएँ:
प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी को अपनी व्यथा सुनाते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया था:
अत्यधिक लाइसेंस शुल्क: छोटे निर्माताओं के लिए नए मानकों के तहत लाइसेंस प्राप्त करना आर्थिक रूप से बेहद बोझिल हो गया है।
जटिल प्रक्रिया: लाइसेंसिंग और प्रमाणन (Certification) की प्रक्रिया में बहुत अधिक समय लग रहा है, जिससे उत्पादन ठप हो रहा है।
आजीविका पर खतरा: नए कड़े मानकों के कारण कई छोटी इकाइयां बंद होने की कगार पर हैं, जिससे राजस्थान के लाखों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है।
मुलाकात का परिणाम:
प्रियंका गांधी वाद्रा ने बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए सकारात्मक संकेत दिए:
मंत्री का आश्वासन: नितिन गडकरी ने प्रतिनिधिमंडल की शिकायतों को ध्यान से सुना और स्वीकार किया कि शुल्क और समय से जुड़ी समस्याओं का समाधान आवश्यक है।
त्वरित समाधान: गडकरी ने भरोसा दिलाया है कि वे मंत्रालय के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर इन बाधाओं को दूर करने के लिए जल्द ही उचित कदम उठाएंगे।
राजनीतिक महत्व:
यह मुलाकात दर्शाती है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) से जुड़े मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संवाद की संभावनाएं बनी हुई हैं। राजस्थान, जो ट्रक बॉडी बिल्डिंग का एक प्रमुख केंद्र है, वहां के स्थानीय उद्योगों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर हो सकती है।
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