विपक्ष का केंद्र पर हमला; 'इंडिया' गठबंधन ने किया CAPF विधेयक को पलटने का ऐलान
नयी दिल्ली (3 अप्रैल 2026): लोकसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने सरकार को आड़े हाथों लिया। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद ने इस विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए इसे जवानों के साथ 'अन्याय' करार दिया और दावा किया कि भविष्य में 'इंडिया' गठबंधन की सरकार बनने पर इस कानून को तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।
खबर के मुख्य बिंदु:
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला: राजद सांसद ने उच्चतम न्यायालय के 2025 के एक ऐतिहासिक आदेश का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अदालत ने सीएपीएफ अधिकारियों को आईएएस और आईपीएस की तरह 'व्यवस्थित सेवा' (Organized Service) मानने और असमानता खत्म करने का निर्देश दिया था।
अन्याय का आरोप: विपक्ष का आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने के बजाय इस नए विधेयक के जरिए उसे पलटने की कोशिश कर रही है, जिससे बल के अधिकारियों की पदोन्नति और सेवा शर्तों पर बुरा असर पड़ेगा।
निष्पक्षता पर सवाल: सांसद ने सवाल उठाया कि यदि बल का नेतृत्व केवल बाहर से आए अधिकारियों (IPS) के हाथ में रहेगा, जो सीधे सरकार के नियंत्रण में होंगे, तो क्या चुनाव के दौरान ये बल निष्पक्ष रह पाएंगे? उन्होंने इसके लिए पश्चिम बंगाल चुनाव का उदाहरण भी दिया।
बड़ा राजनीतिक वादा: राजद नेता ने सदन में घोषणा की कि यदि 'इंडिया' गठबंधन सत्ता में आता है, तो संसद के पहले ही सत्र में इस प्रस्तावित कानून को रद्द करने वाला विधेयक लाया जाएगा।
निष्कर्ष: विपक्ष का तर्क है कि यह विधेयक सीएपीएफ को मजबूत करने के लिए नहीं, बल्कि उस पर राजनीतिक नियंत्रण हासिल करने के लिए लाया गया है।
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