अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) में बाघों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। हाल ही में हुई गणना के अनुसार, ATR में बाघों की संख्या 18 तक पहुँच गई है, जिसमें आठ शावक भी शामिल हैं। यह वृद्धि पिछले कुछ वर्षों में किए गए संरक्षण प्रयासों और प्रबंधन की सफलता का परिणाम है।

संरक्षण प्रयासों का प्रभाव

ATR में बाघों की संख्या में वृद्धि के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं:

  • सुरक्षा और निगरानी: ATR में विशेष टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STPF) टीम का गठन किया गया है, जिसका मुख्य कार्य बाघों की ट्रैकिंग और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

  • जलस्त्रोतों का विकास: रिजर्व में 500 से अधिक जलस्त्रोत बनाए गए हैं, जिनमें वर्षभर पानी उपलब्ध रहता है। यह बाघों और अन्य वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण है।

  • घास के मैदानों का विकास: ATR में घास के मैदानों का तेजी से विकास हुआ है, जिससे शिकारियों के लिए उपयुक्त आवास उपलब्ध हुआ है।

  • ट्रैप कैमरों का उपयोग: ट्रैप कैमरों की मदद से बाघों की संख्या और उनकी गतिविधियों का सटीक पता चलता है, जिससे संरक्षण प्रयासों में मदद मिलती है।

पर्यटन पर प्रभाव

बाघों की संख्या में वृद्धि से ATR में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यटक अब बाघों को देखने के लिए ATR का रुख करेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। इसके अलावा, ATR को एक प्रमुख इको-टूरिज्म स्थल के रूप में स्थापित किया जा सकता है।

भविष्य की दिशा

वनमंत्री ने ATR में बाघों की संख्या में वृद्धि पर संतोष व्यक्त किया है और अधिकारियों की सराहना की है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे प्रयासों को जारी रखने की बात कही है, ताकि ATR को एक मॉडल टाइगर रिजर्व के रूप में स्थापित किया जा सके।

अचानकमार टाइगर रिजर्व की यह सफलता न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है। यह दर्शाता है कि यदि संरक्षण प्रयासों को सही दिशा में लागू किया जाए, तो वन्यजीवों की संख्या में वृद्धि संभव है।

Powered by Froala Editor