नयी दिल्ली/गुवाहाटी: मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार भाजपा, असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए होने वाले इस संग्राम में सीटों का बंटवारा लगभग अंतिम चरण में है।
सीटों का प्रस्तावित बंटवारा (Gathbandhan 2026):
| पार्टी | आवंटित सीटें | स्थिति |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 89 (लगभग) | मुख्य भूमिका में |
| असम गण परिषद (AGP) | 26 | पुराने कोटे पर बरकरार |
| बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) | 11 | गठबंधन में वापसी |
| कुल | 126 |
प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम:
UPPL का बाहर होना: पांच साल तक सरकार का हिस्सा रहने के बावजूद प्रमोद बोरो के नेतृत्व वाली यूपीपीएल अब गठबंधन से बाहर है। वे बीटीसी क्षेत्र की सभी 15 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने उन्हें "शुभकामनाएं" देकर मैत्रीपूर्ण मुकाबले के संकेत दिए हैं।
BPF की 'घर वापसी': हाग्रामा मोहिलरी की पार्टी BPF, जो कभी कांग्रेस और कभी भाजपा की सहयोगी रही है, अब फिर से भाजपा के पाले में है। उन्हें बोडोलैंड क्षेत्र की 11 महत्वपूर्ण सीटें दी गई हैं।
AGP का दबदबा: असम गण परिषद अपनी पुरानी ताकत के साथ 26 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जो क्षेत्रीय पहचान के मुद्दे पर भाजपा के लिए अहम सहयोगी है।
चुनाव की महत्वपूर्ण तिथियां:
मतदान (Polling): 9 अप्रैल, 2026
परिणाम (Counting): 4 मई, 2026
मुख्यमंत्री का बयान:
"आज शाम संसदीय दल की बैठक के बाद उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की जा सकती है। हमारा लक्ष्य एक स्थिर और विकासोन्मुख सरकार सुनिश्चित करना है।"
चुनौती:
बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (BTC) क्षेत्र में UPPL और BPF की कट्टर प्रतिद्वंद्विता के कारण भाजपा को संतुलन साधने में मशक्कत करनी पड़ी है। अब देखना यह होगा कि क्या UPPL का अलग होना भाजपा के 'मिशन 100+' के लक्ष्य को प्रभावित करेगा या नहीं।
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