मुंबई (4 अप्रैल 2026): भारतीय रिजर्व बैंक ने डिजिटल भुगतान को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नए सुरक्षा मानक जारी किए हैं। अब ₹5,000 से अधिक के हर यूपीआई या वॉलेट लेनदेन के लिए पिन के साथ-साथ फिंगरप्रिंट या फेस आईडी अनिवार्य होगी।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
सुरक्षा का स्तर: यह कदम मोबाइल चोरी और सिम-स्वैपिंग के जरिए होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए उठाया गया है।
डेडलाइन: सभी बैंकों और पेमेंट ऐप्स को 30 जून 2026 तक इस तकनीक को लागू करने का निर्देश दिया गया है।
सुविधा: छोटी राशियों के भुगतान के लिए केवल पिन या पैटर्न का उपयोग जारी रहेगा ताकि लेनदेन की गति प्रभावित न हो।
जागरूकता: आरबीआई जल्द ही 'डिजिटल सुरक्षा' को लेकर एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करेगा।
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