नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने अपनी सबसे महत्वाकांक्षी 'डिजिटल हेरिटेज' परियोजना पूरी कर ली है। अब दुनिया भर के लोग वीआर हेडसेट या स्मार्टफोन के जरिए भारत के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारकों का 3D अनुभव ले सकेंगे।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
बारीक विवरण: 'लेजर स्कैनिंग' तकनीक के जरिए स्मारकों की दीवारों पर नक्काशी के एक-एक मिलीमीटर के हिस्से को डिजिटल रूप में सहेजा गया है।
वर्चुअल गाइड: डिजिटल टूर के दौरान एआई-गाइड इतिहास की कहानियाँ सुनाएंगे और उन हिस्सों को भी दिखाएंगे जहाँ पर्यटकों का जाना प्रतिबंधित है।
संरक्षण: यह डेटा न केवल पर्यटन के लिए है, बल्कि भविष्य में किसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में स्मारकों के पुनर्निर्माण के लिए ब्लूप्रिंट का काम करेगा।
शिक्षा: स्कूलों के लिए विशेष 'हिस्ट्री-वीआर' किट तैयार की गई हैं ताकि बच्चे इतिहास को किताबों के बजाय अनुभव से सीख सकें।
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