उजियारा अभियान को बड़ी सफलता: कोरर पुलिस ने 1410 नशीली टैबलेट के साथ चार तस्करों को दबोचा, 70 हजार का माल बरामद
उजियारा अभियान को बड़ी सफलता: कोरर पुलिस ने 1410 नशीली टैबलेट के साथ चार तस्करों को दबोचा
कांकेर। उत्तर बस्तर कांकेर जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे 'उजियारा' अभियान को बड़ी सफलता मिली है। कोरर पुलिस ने कथित रूप से अवैध नशीली टैबलेट की खरीद-बिक्री के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एल्प्राजोलैम (ALPRAZOLAM) की ALZOMAC-0.5 की कुल 1410 टैबलेट बरामद करने का दावा किया है।
कैसे मिली सूचना, कैसे हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, जिले में नशीले पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए 'उजियारा' अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 13 सितंबर को कोरर पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि किशनपुरी स्कूल के पास खुलेआम नशीली टैबलेट की खरीद-बिक्री की जा रही है।
सूचना पाकर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और संदिग्धों की हरकतों पर बारीकी से नजर रखी। जब टीम को नशीली गतिविधि के पुख्ता सबूत मिले, तो पुलिस ने आकस्मिक धावा बोलकर चार आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
बरामदगी का विवरण
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से मिली बरामदगी इस प्रकार है:
- ALPRAZOLAM (ALZOMAC-0.5) की 1410 टैबलेट – कुल वजन करीब 183 ग्राम, अनुमानित कीमत 25 हजार 500 रुपए
- दो मोबाइल फोन – करीब 45 हजार रुपए कीमत (25 हजार + 20 हजार)
- 6 हजार रुपए नकद – बिक्री की कथित रकम
इस प्रकार कुल बरामदगी की अनुमानित कीमत 70 हजार 500 रुपए आंकी गई है।
बालोद से आया था सप्लायर
पुलिस के अनुसार, आरोपी शेख सादिक अनस बालोद से टैबलेट बेचने के लिए आया था। उसके कब्जे से बिक्री की कथित रकम के रूप में 6 हजार रुपए नकद और करीब 25 हजार रुपए कीमत का मोबाइल फोन जब्त किया गया। वहीं आरोपी हिमांशु साहू से करीब 20 हजार रुपए कीमत का मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस को इस गिरफ्तारी से यह उम्मीद है कि नशे का पूरा सप्लाई नेटवर्क उजागर हो सकेगा।
क्या है ALPRAZOLAM और कितना खतरनाक है यह?
एल्प्राजोलैम एक दर्द निवारक-मनोशांति दवा है, जिसका इस्तेमाल केवल डॉक्टर की सलाह पर चिकित्सकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है। इसका बिना पर्चे दुरुपयोग करने से नशे की लत, मानसिक विकार, स्मरण शक्ति प्रभावित होना और जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है। युवाओं में इसका सेवन तेजी से बढ़ रहा है, जो चिंता का विषय बना हुआ है। यही कारण है कि इसे एनडीपीएस एक्ट के तहत गंभीर अपराध माना जाता है।
आरोपियों पर क्या कार्रवाई?
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(ग) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 के तहत अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। गिरफ्तारी के बाद चारों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों की टीम और अपील
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार साहू एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस हरीश पाटिल के मार्गदर्शन में अंजाम दी गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी कोरर निरीक्षक नरेंद्र कुमार मिश्रा, साइबर सेल प्रभारी राजेंद्र साहू सहित कोरर थाना और साइबर सेल के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।
कांकेर पुलिस ने आम नागरिकों से नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री सहित किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की सूचना निकटतम थाने में देने की अपील की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि उजियारा अभियान के तहत नशे के कारोबारियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी हालत में जिले को नशा मुक्त बनाने का संकल्प पूरा किया जाएगा।




