पुलिसकर्मी ही बना ठग: होम गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर 2 लाख रुपये हड़पने वाला कॉन्स्टेबल गिरफ्तार

नुआपड़ा (ओडिशा)। खाकी वर्दी की साख पर बड़ा दाग लगा है। ओडिशा के नुआपड़ा जिले में एक पुलिस कॉन्स्टेबल को एक युवक से होम गार्ड की नौकरी दिलाने के बहाने 2 लाख रुपये लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट ने आरोपी कॉन्स्टेबल की जमानत अर्जी खारिज करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

कौन है आरोपी कॉन्स्टेबल?

आरोपी की पहचान 39 वर्षीय कॉन्स्टेबल जोगेंद्र बाग के तौर पर हुई है, जो नुआपड़ा जिले के कोमना ब्लॉक के लखना पुलिस स्टेशन में तैनात था। वर्दी के रक्षक पर यह आरोप लगना इस मामले को और भी गंभीर बना देता है, क्योंकि जिस व्यक्ति से जनता कानून-व्यवस्था की उम्मीद रखती है, वही नौकरी के झांसे में एक बेरोजगार युवा के साथ ठगी करने के आरोप में अड्डे में पहुंच गया है।

नौकरी दिलाने का दिया था भरोसा, चेक से दिए 2 लाख

मामला सिनापाली पुलिस स्टेशन इलाके का है। गोडल ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले डंगरगांव निवासी युवक अमिताभ जगत ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, आरोपी कॉन्स्टेबल जोगेंद्र बाग ने युवक को होम गार्ड की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था।

नौकरी के वादे पर यकीन करते हुए जगत ने 21 जनवरी को चेक के जरिए बाग को 2 लाख रुपये दे दिए थे। आरोप है कि यह पूरा लेन-देन नौकरी दिलाने के झांसे के तहत हुआ था।

परीक्षा दी, लेकिन नाम नहीं छपा लिस्ट में

होम गार्ड पद के लिए हुई परीक्षा के नतीजे घोषित होने पर युवक के होश उड़ गए। जब उसने मेरिट लिस्ट चेक की, तो उसका नाम लिस्ट में कहीं नहीं था। जिस नौकरी के लिए उसने 2 लाख रुपये दिए थे, वह भी हाथ से निकल गई और पैसे भी डूब गए।

शिकायत में कहा गया है कि इसके बाद जगत ने कई बार जोगेंद्र बाग से अपने पैसे वापस करने की मांग की, लेकिन कॉन्स्टेबल किसी न किसी बहाने टालमटोल करता रहा और पैसे लौटाने से बचता रहा।

परेशान होकर दर्ज की लिखित शिकायत

जब कोई और रास्ता नहीं बचा, तो परेशान युवा ने सिनापाली पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS की धारा 318(4)) के तहत मामला क्रमांक 295/2026 दर्ज किया। यह धारा धोखाधड़ी (Cheating) से जुड़े मामलों में लगाई जाती है।

कैसे हुई गिरफ्तारी?

शिकायत पर तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। खरियार के सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (SDPO) उपेंद्र प्रधान और सिनापाली पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर महेश्वर पाणिग्रही की अगुवाई वाली टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी कॉन्स्टेबल जोगेंद्र बाग को लखना पुलिस स्टेशन से गिरफ्तार किया।

कोर्ट ने खारिज की जमानत अर्जी

गिरफ्तारी के बाद बाग को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से वह जमानत की अर्जी लगाई, लेकिन कोर्ट ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर उसे न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया। इंस्पेक्टर महेश्वर पाणिग्रही ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।

जांच में क्या-क्या सामने आ सकता है?

पुलिस अब जांच कर रही है कि:

  • आरोपी कॉन्स्टेबल ने किसी और युवा से भी इसी तरह पैसे लिए हैं या नहीं
  • यह अकेले उसका काम था या इसमें कोई और शख्स भी शामिल है
  • इसी तरह की पहले कोई शिकायत आई है या नहीं

अगर जांच में अन्य पीड़ित सामने आए, तो आरोपी के खिलाफ कई और मामले दर्ज हो सकते हैं और उस पर पुलिस विभाग की ओर से विभागीय कार्रवाई का भी फैसला लिया जा सकता है। इस घटना ने एक बार फिर बेरोजगार युवाओं को नौकरी के झांसे देकर ठगी करने वालों से सावधान रहने की चेतावनी भी दे दी है।