महासमुंद में 17 सितंबर को जगमगाएंगे 6 लाख 'आशीर्वाद के दीप': सेवा संकल्प अभियान के तहत बनेगा ऐतिहासिक दीपोत्सव

महासमुंद। जिले में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत एक भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं। आगामी 17 सितंबर को महासमुंद में 'आशीर्वाद के दीप' कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसके तहत पूरे क्षेत्र में 6 लाख दीये प्रज्वलित किए जाएंगे। इस महाआयोजन को लेकर पूरे जिले में उत्साह का माहौल है और तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं।

क्या है 'आशीर्वाद के दीप' कार्यक्रम का उद्देश्य?

इस महाआयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में सेवा, सद्भावना और जन-कल्याण का संदेश फैलाना है। आयोजकों के अनुसार, 17 सितंबर की शाम जब एक साथ 6 लाख दीये जलेंगे, तो पूरा महासमुंद रोशनी से जगमगा उठेगा। दीयों को विशेष रूप से 'आशीर्वाद के दीप' का नाम दिया गया है, जो जनता की शुभकामनाओं और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक बनेगा।

यह आयोजन न केवल एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करेगा, बल्कि आम जनमानस की एकता और उनके संकल्प का भी प्रतीक बनेगा। माना जा रहा है कि इस तरह का विशाल दीपोत्सव क्षेत्र में अपनी तरह का सबसे बड़ा आयोजन होगा।

तैयारियों में जुटे हजारों स्वयंसेवक

इस बड़े आयोजन को लेकर आयोजकों और स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। दीयों को व्यवस्थित करने, तेल और बाती की व्यवस्था तथा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्वयंसेवक दिन-रात जुटे हुए हैं

आयोजन की रूपरेखा के अनुसार:

  • 6 लाख दीयों की खरीद और वितरण की बड़े पैमाने पर योजना तैयार की गई है
  • मोहल्ला और गांव स्तर पर स्वयंसेवकों की टीमें गठित की गई हैं
  • दीये जलाने के लिए मंदिर, चौक, चौराहे, बाजार और घर-घर की स्थिति तय की जा रही है
  • कार्यक्रम के सुचारु संचालन के लिए बैठकें संपन्न की जा रही हैं

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा आयोजन न केवल क्षेत्र की छटा बिखेरेगा, बल्कि समाज में एकता और सहभागिता की भावना को भी मजबूत करेगा।

17 सितंबर की शाम कैसा रहेगा नजारा?

17 सितंबर की शाम जब 6 लाख दीये एक साथ रोशन होंगे, तो यह अद्भुत नजारा न सिर्फ महासमुंद की छटा बिखेरेगा, बल्कि पूरे प्रदेश में सेवा, समर्पण और सद्भावना का एक बड़ा संदेश भी देगा। माना जा रहा है कि इस दौरान शहर के प्रमुख मार्गों, मंदिरों और बाजारों में दीपों की रोशनी से ऐसा माहौल बनेगा, जो त्योहारों जैसा आनंद देगा।

आयोजकों की मानें तो यह दीपोत्सव किसी एक व्यक्ति या संस्था का नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक आयोजन होगा, जिसमें बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा सभी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।

सेवा संकल्प अभियान की अहमियत

'सेवा संकल्प अभियान' का मूल भावना ही समाज के प्रति समर्पण और जन-सेवा है। इस अभियान के तहत समय-समय पर समाज कल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। महासमुंद में होने जा रहा यह दीपोत्सव इसी अभियान की सबसे बड़ी पहलों में से एक माना जा रहा है, जो क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा और उम्मीद का संदेश देगा।

जनता से अपील

आयोजकों ने आम नागरिकों से इस ऐतिहासिक आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है। सभी से निवेदन किया गया है कि 17 सितंबर की शाम अपने घर, दुकान और मोहल्लों में 'आशीर्वाद के दीप' प्रज्वलित कर इस महादीपोत्सव को सफल बनाएं, ताकि महासमुंद का नाम एक बार फिर पूरे प्रदेश में गौरव से उजागर हो।