नयी दिल्ली: शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि एमएसपी के मुद्दे पर विपक्ष का दोहरा रवैया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
संबोधन के 5 प्रमुख बिंदु:
नया बीज और कीटनाशक कानून: मंत्री ने स्वीकार किया कि घटिया बीज और नकली खाद एक बड़ी समस्या है। उन्होंने घोषणा की कि सरकार जल्द ही नया कीटनाशक और बीज कानून लाएगी, जिसमें दोषियों पर भारी जुर्माने और सख्त सजा का प्रावधान होगा।
MSP पर कांग्रेस को घेरा: चौहान ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने लागत पर 50% मुनाफे का फार्मूला खारिज कर दिया था, जिसे मोदी सरकार ने 2019 में लागू किया। उन्होंने एमएसपी मुद्दे पर कांग्रेस के रुख को "हाथी के दांत दिखाने के और, खाने के और" बताया।
कृषि समझौते और आत्मनिर्भरता: अमेरिका व अन्य देशों के साथ हुए समझौतों का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि ये समझौते देश के हित में हैं। उन्होंने बताया कि भारत धान उत्पादन में दुनिया में नंबर एक पर पहुंच गया है और गेहूं, मक्का व सोयाबीन में रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है।
तकनीक और अनुसंधान: * भारत विस्तार (AI Platform): सरकार ने एक एआई मंच बनाया है जहाँ किसान अपनी फसल की फोटो डालकर अपनी भाषा में समाधान पा सकेंगे।
जीनोम एडिटेड धान: आईसीएआर (ICAR) ने दुनिया की पहली दो जीनोम एडिटेड धान की किस्में विकसित की हैं।
प्राकृतिक खेती मिशन: मिट्टी की उर्वरता बचाने के लिए 18 लाख किसानों ने इस मिशन में पंजीकरण कराया है और 8 लाख एकड़ से अधिक भूमि पर इसे अपनाया जा चुका है।
राज्यों से अपील:
कृषि मंत्री ने पंजाब और पश्चिम बंगाल की सरकारों से राजनीतिक मतभेद भुलाकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पीएम धन धान्य योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ राहत या किसी भी फंड के आवंटन में केंद्र ने किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया है।
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