नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): यूजीसी (UGC) ने उच्च शिक्षा के लिए नई नियमावली 'इक्विटी रेगुलेशन 2026' के तहत क्रेडिट सिस्टम को और अधिक लचीला बना दिया है। अब छात्र अपनी डिग्री के दौरान किसी भी समय ब्रेक ले सकते हैं और उनके द्वारा कमाए गए 'क्रेडिट्स' 7 साल तक एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) में सुरक्षित रहेंगे।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
मल्टीपल एग्जिट: एक साल पूरा करने पर 'सर्टिफिकेट', दो साल पर 'डिप्लोमा' और तीन साल पर 'डिग्री' दी जाएगी। 4 साल पूरे करने पर 'ऑनर्स विद रिसर्च' की डिग्री मिलेगी।
दो डिग्री एक साथ: छात्र अब एक साथ दो अलग-अलग विश्वविद्यालयों से दो डिग्री (एक रेगुलर और एक ऑनलाइन/डिस्टेंस) प्राप्त कर सकते हैं।
क्रेडिट ट्रांसफर: यदि कोई छात्र दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीच में पढ़ाई छोड़कर मुंबई यूनिवर्सिटी जाना चाहता है, तो उसके पुराने क्रेडिट्स वहां मान्य होंगे।
सीधे पीएचडी: 4-वर्षीय डिग्री (160 क्रेडिट) पूरी करने वाले छात्र अब सीधे पीएचडी के लिए पात्र होंगे।
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