कोच्चि/कोतमंगलम। केरल के कोतमंगलम में आबकारी विभाग (Excise Department) ने नशीले पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। विभाग ने एक 18 वर्षीय युवती और उसके 24 वर्षीय पुरुष साथी को 37 ग्राम से अधिक एमडीएमए (MDMA) के साथ गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह की कमान कोई अनुभवी अपराधी नहीं, बल्कि कॉलेज की पढ़ाई छोड़ चुकी यह कम उम्र की युवती संभाल रही थी।

छात्र से 'ड्रग क्वीन' तक का सफर

आबकारी अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, आरोपी युवती के इस रास्ते पर आने की कहानी काफी चिंताजनक है:

  • शिक्षा और पलायन: महिला छह महीने पहले उच्च शिक्षा के लिए कोतमंगलम आई थी। हालांकि, कुछ ही समय बाद उसने कॉलेज छोड़ दिया।

  • बेंगलुरु कनेक्शन: वह स्वयं गिरोह की सरगना के रूप में काम कर रही थी। वह खुद बेंगलुरु जाती थी और वहां से नशीले पदार्थों की खेप खरीदकर केरल लाती थी।

  • पार्लर की आड़ में धंधा: कॉलेज छोड़ने के बाद वह अपनी पहचान छिपाने के लिए एक 'टैटू पार्लर' में काम कर रही थी, जबकि उसका मुख्य पेशा तस्करी था।

ऐसे बिछाया गया गिरफ्तारी का जाल

अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि युवती बेंगलुरु से ड्रग्स की बड़ी खेप लेकर लौट रही है। इसके बाद उसकी हर हरकत पर कड़ी नजर रखी गई:

  1. निगरानी: वह बेंगलुरु से पेरुम्बावूर तक बस से पहुंची।

  2. ट्रैप: वहां से वह अपने 24 वर्षीय साथी के साथ एक गाड़ी में सवार होकर कोतमंगलम के एक होटल पहुंची।

  3. पकड़ी गई खेप: जैसे ही दोनों होटल पहुंचे, आबकारी टीम ने उन्हें दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से 37 ग्राम से अधिक प्रतिबंधित एमडीएमए बरामद हुआ।

पुलिस की चुनौती और जांच

एक आबकारी अधिकारी ने बताया, "हमें लंबे समय से नशीली दवाओं की तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन वह इतनी शातिर थी कि अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर थी।"

  • न्यायिक हिरासत: दोनों आरोपियों को मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

  • आगे की जांच: विभाग अब उनके बयानों के आधार पर इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों और बेंगलुरु स्थित मुख्य सप्लायरों का पता लगाने की कोशिश कर रहा है।

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