मुंबई/नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): बीसीसीआई ने घरेलू क्रिकेट में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 'स्मार्ट-अंपायर' तकनीक का सफल परीक्षण पूरा किया है। अब रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों में 'नो-बॉल' और 'रन-आउट' जैसे फैसलों के लिए पूरी तरह एआई और हाई-स्पीड कैमरों का उपयोग किया जाएगा।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
तकनीक: मैदान के चारों ओर 24 सेंसर वाले कैमरे लगे हैं जो मिलीसेकंड की देरी को भी पकड़ सकते हैं।
सटीकता: 'नो-बॉल' का फैसला अब आधा सेकंड के भीतर मैदानी अंपायर के कान में लगे बीप (Beep) के जरिए पहुँच जाएगा।
लागत: हालांकि यह तकनीक महंगी है, लेकिन बीसीसीआई इसे अगले सत्र से सभी प्रमुख घरेलू टूर्नामेंटों में लागू करने की योजना बना रहा है।
फायदा: इससे गलत फैसलों के कारण टीमों के बीच होने वाले विवाद कम होंगे और खेल की गति बनी रहेगी।
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