छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया तहसील अंतर्गत ठुसेकेला गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक आदिवासी परिवार के चार सदस्यों की हत्या कर उनके शव घर के आंगन में दफनाए गए थे। यह वारदात चार दिन बाद तब उजागर हुई जब घर से तेज बदबू आने लगी, जिससे आसपास के लोगों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचित किया।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, मृतकों में 45 वर्षीय बुधराम उरांव, उनकी 40 वर्षीय पत्नी साहोदरा, 12 वर्षीय बेटा अरविंद और 5 वर्षीय बेटी शिवांगी शामिल हैं। यह परिवार ठुसेकेला गांव के राजीव नगर मोहल्ले में रहता था। घर से आने वाली दुर्गंध ने आसपास के लोगों को चिंतित कर दिया, जिससे उन्होंने पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने जब घर की तलाशी ली, तो कमरे में खून के छींटे और ताजा खुदाई के निशान मिले। इसके बाद, पुलिस ने आंगन में गोबर के ढेर के नीचे शवों को दफन पाया। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि हत्या में कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया था, जो मौके से बरामद हुई है।
जांच और कार्रवाई
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की मदद से मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह हत्या पूर्व नियोजित थी। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए खरसिया अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
इस जघन्य हत्या ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। गांववाले इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं और पुलिस से शीघ्र न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार का किसी से कोई विवाद नहीं था, और यह घटना पूरी तरह से अप्रत्याशित है।
यह घटना न केवल ठुसेकेला गांव, बल्कि पूरे रायगढ़ जिले के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है। पुलिस और प्रशासन इस मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई कर रहे हैं, ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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