छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के कांस्टेबल ने पारिवारिक विवाद के चलते अपनी सर्विस राइफल से दो रिश्तेदारों की हत्या कर दी। यह वारदात बुधवार, 10 सितंबर 2025 को लगभग 11:30 बजे हरदीबाजार थाना क्षेत्र के छिंदपुर गांव में हुई।
आरोपी की पहचान और वारदात का विवरण
आरोपी कांस्टेबल शेशराम बिंझवार, जो CAF की 13वीं बटालियन में तैनात हैं, कोरबा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की यात्रा के मद्देनजर ड्यूटी पर तैनात थे। हालांकि, उन्होंने ड्यूटी पर रिपोर्ट नहीं किया और सीधे छिंदपुर गांव पहुंच गए। वहां उन्होंने अपनी साली मंदासा बिंझवार (17 वर्ष) और पत्नी के चाचा राजेश बिंझवार (35 वर्ष) को अपनी INSAS राइफल से तीन राउंड फायर करके मौत के घाट उतार दिया। यह घटना गांव के मंदिर के पास हुई, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
पारिवारिक विवाद का कारण
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हत्या पारिवारिक विवाद के चलते की गई। मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया कि शेशराम लंबे समय से उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। मंदासा की मां ने बताया कि तीन साल पहले मंदासा की शादी शेशराम से हुई थी, लेकिन एक साल बाद दोनों में अनबन हो गई और वे अलग हो गए। हाल ही में समुदाय के बीच औपचारिक रूप से तलाक की बात चल रही थी, जिससे शेशराम नाराज था।
पुलिस की कार्रवाई और स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया। कोरबा के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने पुष्टि की कि आरोपी के पास से वही सर्विस राइफल बरामद की गई है, जिसका इस्तेमाल हत्या में किया गया था। इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों और स्थानीय निवासियों ने भिलाईबाजार-उमेदीहाटा रोड को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी बल तैनात करना पड़ा।
मुख्यमंत्री की यात्रा के दौरान हुई घटना
यह घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोरबा जिले में आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक के लिए पहुंचे थे। इसने प्रशासनिक स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि एक सुरक्षाकर्मी द्वारा इस प्रकार की हिंसक घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
निष्कर्ष
कोरबा जिले में हुई यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति का कारण बनी है, बल्कि पूरे राज्य में सुरक्षाकर्मियों के आचरण और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर सवाल उठाती है। पुलिस और प्रशासन को इस मामले की गहन जांच करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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