दुर्ग, छत्तीसगढ़। नवरात्रि के पावन अवसर पर डोंगरगढ़ के मां बमलेश्वरी मंदिर की तीर्थयात्रा के दौरान दूसरे दिन एक बड़ा हादसा सामने आया, जिसमें अनेक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना डोंगरगढ़ के रोपवे सिस्टम के पास हुई, जहां छुटपुट दुर्घटना ने आसपास के माहौल को व्याकुल कर दिया।

हादसे की खबर से आसपास के इलाके में खलबली मच गई। बताया जा रहा है कि मंदिर से दर्शन कर वापस लौट रहे श्रद्धालु जब रोपवे की ट्रॉली में सवार थे, तभी अचानक ट्रॉली का एक हिस्सा केबल से हट गया और वह नीचे गिरने लगी। हालांकि ट्रॉली पलटने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन गिरने के दौरान कई श्रद्धालु घायल हो गए। इन घायलों में छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश महामंत्री भरत वर्मा तथा पूर्व गृह मंत्री रामसेवक पैकरा भी शामिल हैं।

भरत वर्मा को हाथ में गंभीर चोट आई है और उनका राजनांदगांव स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा है। अन्य घायलों का भी उपचार अस्पताल में किया जा रहा है। दुर्घटना के बाद मौके पर तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया गया और घायल श्रद्धालुओं को अस्पताल पहुंचाया गया।

डोंगरगढ़ पुलिस ने इस दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल का जायजा लिया है। कलेक्टर की ओर से एक जिला स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है, जिसे तेजी से तकनीकी और सुरक्षा कारणों की पूरी जाँच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सौंपने का निर्देश दिया गया है।

इस दौरान रोपवे का संचालन भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, ताकि कोई और दुर्घटना न हो। प्रशासन सुरक्षा प्रबंधों को कड़ा कर रहा है और पंडाल में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।

डोंगरगढ़ के मालिकाना हक वाली कंपनी ने प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जिसमें यह कहा गया है कि रोपवे की चेन डुलाई को जल्द से जल्द प्रतिस्थापित किया जाना चाहिए। कंपनी के प्रतिनिधियों ने भी तकनीकी सुधारों और स्टील की नई डुलाई की आवश्यकता पर बल दिया है ताकि पुनः इस प्रकार की दुर्घटना न हो सके।

मां बमलेश्वरी मंदिर में नवरात्रि के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, इसलिए सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर सख्त व्यवस्था की जाती है। परंतु इस दुर्घटना ने सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं और प्रशासन के लिए सतर्कता का आह्वान किया है।


यह हादसा डोंगरगढ़ तीर्थयात्रा में श्रद्धालुओं के लिए चिंता का विषय है, साथ ही स्थानीय प्रशासन के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं में सुधार करने की आवश्यकता भी स्पष्ट करता है। आगे के समय में बेहतर तकनीकी निगरानी और सतर्कता से ही ऐसी घटनाओं से बचा जा सकेगा। संयमित प्रयासों से ही तीर्थयात्रा को सुरक्षित, सुगम और आनंददायक बनाया जा सकता है।छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नवरात्रि के दूसरे दिन डोंगरगढ़ तीर्थयात्रा के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ जिसमें कई श्रद्धालु घायल हो गए। यह दुर्घटना मां बमलेश्वरी मंदिर के पास रोपवे की ट्रॉली के गिरने से हुई। घटना में भाजपा के प्रदेश महामंत्री भरत वर्मा और पूर्व गृह मंत्री रामसेवक पैकरा समेत छह लोग घायल हुए हैं। भरत वर्मा को हाथ में गंभीर चोट आई है और उनका इलाज राजनांदगांव के अस्पताल में चल रहा है।

घटना के समय श्रद्धालु मंदिर से दर्शन करने के बाद रोपवे द्वारा नीचे उतर रहे थे कि ट्रॉली के नीचे गिर जाने से हादसा हुआ। गनीमत रही कि ट्रॉली पलटी नहीं और बड़ा हादसा टल गया। घायल श्रद्धालुओं का प्राथमिक उपचार डोंगरगढ़ के हेल्प डेस्क पर किया गया, जबकि गंभीर घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और दुर्घटना की विवेचना हेतु जांच समिति गठित कर दी है। जिला प्रशासन ने रोपवे संचालन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है और सुरक्षा में सुधार के निर्देश भी जारी किए गए हैं। कंपनी ने शुरुआती रिपोर्ट में बताया है कि रोपवे की चेन डुलाई को नया एवं मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

मां बमलेश्वरी मंदिर में नवरात्रि पर भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिस कारण सुरक्षा व सुविधाओं हेतु विशेष प्रबंध किए जाते हैं। लेकिन इस हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और इसके सुधार की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

यह दुखद दुर्घटना श्रद्धालुओं के लिए चिंता का विषय है, साथ ही प्रशासन के लिए सतर्कता और बेहतर निगरानी की चुनौती भी। भविष्य में बेहतर प्रबंधन से तीर्थयात्रा सुरक्षित और आरामदायक बनाने की कोशिश जारी रहेगी।

Powered by Froala Editor