नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने उच्च शिक्षा को रोजगारपरक बनाने के लिए क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। अब ग्रेजुएशन की डिग्री केवल किताबी ज्ञान से नहीं मिलेगी। छात्रों को अपनी डिग्री का 40% क्रेडिट अनिवार्य रूप से 'स्किल-आधारित' ऑनलाइन पाठ्यक्रमों (जैसे एआई, डेटा साइंस, कोडिंग या वोकेशनल स्किल्स) के माध्यम से पूरा करना होगा।
विस्तृत विश्लेषण:
एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC): छात्रों द्वारा अर्जित इन स्किल्स का डेटा सीधे उनके 'डिजिटल क्रेडिट बैंक' में जमा होगा। नियोजक (Employers) अब भर्ती के समय छात्र की मार्कशीट के साथ-साथ उनके 'स्किल क्रेडिट स्कोर' को भी देख सकेंगे।
उद्योगों के साथ जुड़ाव: इन कोर्सेज को नैसकॉम (NASSCOM) और बड़ी आईटी कंपनियों के साथ मिलकर तैयार किया गया है। इससे 'एजुकेशन-एम्प्लॉयबिलिटी गैप' (शिक्षा और रोजगार के बीच का अंतर) कम होगा।
फ्लेक्सिबिलिटी: छात्र अपनी पसंद के स्किल कोर्स किसी भी अधिकृत ऑनलाइन प्लेट
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