मुंबई (4 अप्रैल 2026): भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी डिजिटल मुद्रा (CBDC) के अगले चरण 'ई-रुपया 2.0' की शुरुआत की है। अब इस डिजिटल करेंसी का उपयोग बिना इंटरनेट के भी किया जा सकेगा, जो इसे ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी बनाता है।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • ऑफलाइन मोड: 'टैप-एंड-पे' तकनीक के जरिए अब फीचर फोन यूजर भी ई-रुपये से भुगतान कर सकेंगे।

  • सब्सिडी का सीधा लाभ: सरकार अब उर्वरक (Fertilizer) और राशन सब्सिडी ई-रुपये के 'प्रोग्रामेबल वाउचर' के रूप में दे रही है, जिससे फंड की चोरी रुक गई है।

  • सुरक्षा: नए नियमों के तहत डिजिटल वॉलेट के लिए 'टू-फैक्टर बायोमेट्रिक' सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।

  • लक्ष्य: आरबीआई का लक्ष्य 2026 के अंत तक डिजिटल रुपये के दैनिक लेनदेन को 10 मिलियन के पार ले जाना है।

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