नई दिल्ली (2 अप्रैल 2026): अलीपुर में अवैध गैस रिफिलिंग के भंडाफोड़ के बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है, और कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
1. अलीपुर छापेमारी और स्टिंग ऑपरेशन:
सूचना का स्रोत: यह कार्रवाई 1 अप्रैल को एक राष्ट्रीय समाचार चैनल द्वारा प्रसारित स्टिंग ऑपरेशन के बाद की गई।
संयुक्त टीम: खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) की एक संयुक्त टीम ने अलीपुर में चिह्नित परिसर पर छापा मारा।
बरामदगी: मौके से भारी मात्रा में अवैध रिफिलिंग उपकरण और तीन उपभोक्ता पासबुक बरामद की गईं। इन पासबुकों का उपयोग रियायती सिलेंडर (Subsidy cylinders) लेकर उन्हें ऊंचे दामों पर व्यावसायिक इकाइयों को बेचने के लिए किया जा रहा था।
2. सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' रणनीति:
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए निम्नलिखित घोषणाएं की हैं:
13 जिला-स्तरीय टीमें: प्रवर्तन (Enforcement) को मजबूत करने के लिए दिल्ली के सभी जिलों में एसडीएम (मुख्यालय) के नेतृत्व में 13 विशेष टीमें गठित की गई हैं।
त्वरित कार्रवाई: ये टीमें खुफिया जानकारी और शिकायतों के आधार पर बिना किसी देरी के छापेमारी करेंगी।
कड़ी कानूनी कार्रवाई: जमाखोरी और रिफिलिंग में शामिल लोगों के खिलाफ न केवल सामग्री जब्त की जाएगी, बल्कि उनके खिलाफ सख्त प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की जाएगी।
3. मुख्यमंत्री का आश्वासन:
"दिल्ली में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति है। उपभोक्ताओं का शोषण करने या वितरण प्रणाली में हेरफेर करने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी।" — रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री
निष्कर्ष:
गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि रिहायशी इलाकों में यह एक बड़ा सुरक्षा खतरा (Fire Hazard) भी है। मुख्यमंत्री की इस सक्रियता और विशेष टीमों के गठन से उम्मीद है कि त्योहारों और आगामी दिनों में गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
Powered by Froala Editor




