बिलासपुर: लोक अभियोजक दाऊराम चंद्रवंशी के अनुसार, विशेष न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरैशी की अदालत में दाखिल इस चार्जशीट पर अगली सुनवाई 20 मार्च 2026 को होगी।
1. नेटवर्क का संचालन और सूचना तंत्र:
कार्यप्रणाली: आरोपी शहरों में मजदूर बनकर रह रहे थे ताकि किसी को शक न हो।
तकनीकी मदद: ये लोग आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से जंगल में छिपे नक्सली कमांडरों को महत्वपूर्ण और संवेदनशील जानकारियां लीक कर रहे थे।
रसद और रसद: जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क नक्सलियों को केवल सूचना ही नहीं, बल्कि भोजन, चिकित्सा, वाहन और उनकी विचारधारा के प्रचार-प्रसार में भी मदद कर रहा था।
2. प्रमुख गिरफ्तारियां और बरामदगी:
सितंबर 2025 में रायपुर के डीडी नगर थाने में दर्ज प्राथमिकी के बाद SIA ने सिलसिलेवार कार्रवाई की:
मुख्य आरोपी: बीजापुर का जग्गू कुर्साम (डिविजनल कमेटी सदस्य) और उसकी पत्नी कमला कुर्साम (एरिया कमेटी सदस्य)। इन्हें सबसे पहले रायपुर से दबोचा गया।
अन्य आरोपी: बिलासपुर, कोरबा, नारायणपुर और बीजापुर से कुल 7 अन्य सहयोगियों (राम इन्चाम, पवन उर्फ आकाश, धनसिंह गावड़े आदि) को गिरफ्तार किया गया।
बरामदगी: आरोपियों के पास से सोना, सोने के बिस्किट, भारी नकदी, लैपटॉप, मोबाइल और कई पेन ड्राइव बरामद हुए हैं।
3. कानूनी धाराएं:
सभी नौ आरोपियों पर सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है:
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराएं।
गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), जो देश की आंतरिक सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर लगाया जाता है।
SIA की सक्रियता: एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
| मामला | नक्सलियों का शहरी नेटवर्क (Urban Network) |
| कुल आरोपी | 9 (सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल) |
| गिरफ्तारी स्थल | रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, बीजापुर, नारायणपुर |
| अगली सुनवाई | 20 मार्च, 2026 |
| जांच एजेंसी | राज्य जांच एजेंसी (SIA), छत्तीसगढ़ |
Powered by Froala Editor




