नई दिल्ली: दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने पालम की चार मंजिला इमारत में लगी भीषण आग के मद्देनजर पूरी राजधानी में व्यापक अग्नि सुरक्षा ऑडिट (Fire Safety Audit) के आदेश दिए हैं। इस ऑडिट की खासियत यह है कि इसमें पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार तृतीय-पक्ष (Third-party) विशेषज्ञों को नियुक्त करेगी, जो व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग वाली इमारतों की बारीकी से जांच करेंगे।
ऑडिट और सुरक्षा पहल के मुख्य बिंदु:
व्यापक 'मैपिंग': दिल्ली के संकरे और भीड़भाड़ वाले इलाकों (मिश्रित उपयोग वाले क्षेत्रों) में चल रही व्यावसायिक इकाइयों की पहचान के लिए 'मैपिंग' की जाएगी।
थर्ड-पार्टी विशेषज्ञों की भूमिका: गृह मंत्री ने स्पष्ट किया है कि केवल सरकारी विभाग नहीं, बल्कि बाहरी सुरक्षा विशेषज्ञ भी ऑडिट करेंगे ताकि किसी भी मिलीभगत या भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे।
सुरक्षा का अधिकार: आशीष सूद ने जोर देकर कहा कि सुरक्षित महसूस करना हर परिवार का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा मानकों (Fire Norms) में किसी भी प्रकार की खामी पाए जाने पर संबंधित इकाई को तुरंत सील किया जाए।
उपराज्यपाल का निर्देश: दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने भी दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की बैठक में इस ऑडिट को प्राथमिकता देने को कहा है, जिससे यह साफ है कि राजभवन और सचिवालय इस मुद्दे पर एक साथ हैं।
पालम त्रासदी: एक नजर में
बुधवार को पालम मेट्रो स्टेशन के पास एक इमारत में आग लग गई थी। इस इमारत के निचले हिस्सों में कपड़े और कॉस्मेटिक्स का कारोबार था, जबकि ऊपरी मंजिल पर रिहाइश थी। अवैध रूप से रखे गए ज्वलनशील पदार्थों और बाहर निकलने के संकरे रास्ते (Fire Exit की कमी) के कारण परिवार के 9 लोगों की दम घुटने और जलने से मौत हो गई।
अगले कदम: क्या होगा असर?
अवैध गोदामों पर शिकंजा: रिहायशी इलाकों में चल रहे अवैध गोदामों और फैक्ट्रियों की पहचान कर उन्हें हटाया जाएगा।
सजा और जुर्माना: अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र (NOC) के बिना चल रहे शोरूम और दुकानों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
निवारक उपाय: इमारतों में फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम और वेंटिलेशन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
Powered by Froala Editor




