नई दिल्ली/कोलकाता: 5 राज्यों के चुनावी बिगुल बजने के मात्र 24 घंटे के भीतर निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के प्रशासनिक ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन कर दिया है। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने के उद्देश्य से आयोग ने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और डीजीपी पीयूष पांडे समेत कई शीर्ष अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया है।
प्रमुख प्रशासनिक और पुलिस फेरबदल
निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार, हटाए गए अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनावी जिम्मेदारी में नहीं लगाया जाएगा। नए नियुक्त अधिकारियों की सूची इस प्रकार है:
| वर्तमान पद | हटाए गए अधिकारी | नए नियुक्त अधिकारी |
| मुख्य सचिव (Chief Secretary) | नंदिनी चक्रवर्ती | दुष्मंत नारियाला (1993 बैच IAS) |
| DGP (Director General of Police) | पीयूष पांडे | सिद्धनाथ गुप्ता (1992 बैच IPS) |
| कोलकाता पुलिस कमिश्नर | सुप्रतिम सरकार | अजय कुमार नंद (1996 बैच IPS) |
| गृह सचिव (Home Secretary) | जगदीश प्रसाद मीणा | संघमित्रा घोष (1997 बैच IAS) |
| ADG (कानून-व्यवस्था) | विनीत कुमार गोयल | अजय मुकुंद रानाडे (1995 बैच IPS) |
आयोग की सख्ती और तर्क
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार के पक्षपात की गुंजाइश न रहे, इसलिए यह कदम उठाया गया है। आयोग का कहना है कि वे लगातार बंगाल की प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं और निष्पक्षता सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 का शेड्यूल (2 फेज)
आयोग ने 15 मार्च को तारीखों का ऐलान किया था, जिसके अनुसार बंगाल में 294 सीटों के लिए दो चरणों में मतदान होगा:
पहला चरण (152 सीटें): 23 अप्रैल 2026
दूसरा चरण (142 सीटें): 29 अप्रैल 2026
परिणाम (Results): 4 मई 2026
सियासी बवाल: TMC बनाम BJP
इस 'प्रशासनिक सर्जरी' पर बंगाल की राजनीति गरमा गई है:
TMC का विरोध: तृणमूल कांग्रेस ने इसे केंद्र के इशारे पर की गई कार्रवाई बताया है। विरोध स्वरूप TMC सांसदों ने राज्यसभा से वॉकआउट किया और आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
BJP का पक्ष: भारतीय जनता पार्टी ने आयोग के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि स्वतंत्र चुनाव के लिए ऐसे कड़े कदम जरूरी हैं।
Powered by Froala Editor




