कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अग्रिम मोर्चे पर तैनात स्वयंसेवकों को बड़ी राहत दी है। राज्य के वित्त विभाग की नई अधिसूचना के अनुसार, नागरिक स्वयंसेवकों और ग्राम पुलिस स्वयंसेवकों का तदर्थ (Ad-hoc) बोनस बढ़ाकर ₹7,400 कर दिया गया है। यह पहले मिलने वाले ₹6,800 के बोनस से ₹600 अधिक है।
अधिसूचना की मुख्य बातें और पात्रता:
किसे मिलेगा लाभ? यह संशोधित बोनस राज्य पुलिस और कोलकाता पुलिस के अंतर्गत कार्यरत सभी नागरिक स्वयंसेवकों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल पुलिस के अधीन काम करने वाले ग्राम पुलिस स्वयंसेवकों पर लागू होगा।
वेतन सीमा (Eligibility): वे कर्मचारी जो उत्पादकता आधारित बोनस योजना (Productivity-linked bonus) के अंतर्गत नहीं आते और जिनका संशोधित मासिक वेतन 31 मार्च, 2026 तक ₹46,000 से कम है, वे इस ₹7,400 के बोनस के पात्र होंगे।
समानता का उद्देश्य: वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस वृद्धि का उद्देश्य विभिन्न श्रेणियों के कर्मियों के बीच बोनस की विसंगतियों को दूर करना और उनके योगदान को उचित मान्यता देना है।
चुनावी समय: यह घोषणा ठीक उस समय हुई है जब राज्य में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है। ऐसे में इसे चुनावी लाभ से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: एक नज़र में
| विवरण | तिथि |
| कुल विधानसभा सीटें | 294 |
| प्रथम चरण का मतदान | 23 अप्रैल, 2026 |
| द्वितीय चरण का मतदान | 29 अप्रैल, 2026 |
| मतगणना और परिणाम | 4 मई, 2026 |
निष्कर्ष:
नागरिक स्वयंसेवक बंगाल की राजनीति और प्रशासन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेष रूप से चुनाव के दौरान भीड़ नियंत्रण और बूथ प्रबंधन में उनकी बड़ी हिस्सेदारी होती है। बोनस में यह वृद्धि न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार करेगी, बल्कि चुनावी माहौल में सरकार के प्रति एक सकारात्मक संदेश भी भेजेगी।
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