दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन में एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोचों की ब्रेक सिस्टम की जांच अब और भी सरल और सुलभ हो गई है। दुर्ग कोचिंग डिपो ने मात्र ₹7,000 की लागत से एफआईबीए डिवाइस टेस्टिंग गैजेट तैयार किया है, जिससे कोचों की ब्रेकिंग क्षमता की जांच में समय और संसाधनों की बचत होगी।
इस नए गैजेट के माध्यम से अब कोचों की ब्रेकिंग क्षमता की जांच अधिक सटीकता से की जा सकेगी, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और यात्री सुरक्षा में वृद्धि होगी। यह पहल रेलवे विभाग की सुरक्षा मानकों को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस नवाचार के लिए दुर्ग डिपो के कर्मचारियों की सराहना की जा रही है, जिन्होंने सीमित संसाधनों में रहते हुए इस गैजेट को तैयार किया। रेलवे विभाग ने इस पहल को अन्य जोनों में भी लागू करने की योजना बनाई है, ताकि पूरे नेटवर्क में सुरक्षा मानकों में सुधार हो सके।
यह कदम न केवल रेलवे की कार्यकुशलता को बढ़ाएगा, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगा।
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