नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): दूरसंचार मंत्रालय ने 'भारत 6G विजन' दस्तावेज के तहत स्पेक्ट्रम उपलब्धता का 10 साल का विस्तृत रोडमैप जारी किया है। सरकार ने अल्पकालिक (2025-26), मध्यकालिक (2027-30) और दीर्घकालिक (2031-35) लक्ष्यों के साथ स्पेक्ट्रम बैंड्स की पहचान कर ली है, ताकि 6G सेवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर भारत अग्रणी रह सके।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
नीलामी की तैयारी: ट्राई (TRAI) ने 6 GHz बैंड (6425-7125 MHz) में उपलब्ध स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए अपनी सिफारिशें साझा की हैं।
अनुसंधान निवेश: फरवरी 2026 तक 6G तकनीक के विकास के लिए ₹271 करोड़ की लागत वाली 104 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है।
स्वदेशी टेस्टबेड: दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास कोष (TTDF) के माध्यम से स्वदेशी 6G टेस्टबेड और नवाचार केंद्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
लक्ष्य: भारत का लक्ष्य 2030 तक दुनिया का 10% 6G पेटेंट हासिल करना है।
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