भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2025 तक आयोजित हो रही है, जिसमें प्रमुख नीतिगत दरों पर निर्णय लिया जाएगा। वर्तमान में, रेपो दर 5.5% है, और विशेषज्ञों की राय विभाजित है कि इसे कम किया जाएगा या स्थिर रखा जाएगा।
🧾 मौजूदा आर्थिक परिप्रेक्ष्य
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मूल्यवृद्धि (Inflation): मूल्यवृद्धि दर में कमी आई है, और विशेषज्ञों का मानना है कि यह 4% के लक्ष्य के भीतर रह सकती है।
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विकास दर (GDP Growth): वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में GDP वृद्धि दर 7.8% रही है, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही से अधिक है।
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वैश्विक कारक: अमेरिका द्वारा लगाए गए उच्च शुल्कों के कारण विकास दर पर दबाव बढ़ा है, जबकि रुपये में कमजोरी भी चिंता का विषय है।
📊 विशेषज्ञों की राय
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SBI की रिपोर्ट: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 25 आधार अंकों (bps) की दर में कटौती का सुझाव दिया है, जिससे विकास को बढ़ावा मिल सके।
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अन्य विशेषज्ञों की राय: कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि RBI को मौजूदा दरों को बनाए रखना चाहिए, ताकि मूल्यवृद्धि नियंत्रण में रहे और वित्तीय स्थिरता बनी रहे।
🔮 संभावित निर्णय
विशेषज्ञों की राय के आधार पर, MPC की बैठक में रेपो दर को 5.5% पर बनाए रखने की संभावना अधिक है। हालांकि, यदि विकास दर में और गिरावट आती है या मूल्यवृद्धि में और कमी होती है, तो दर में कटौती की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।
RBI की MPC की बैठक के परिणाम 1 अक्टूबर 2025 को घोषित किए जाएंगे, जो भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों के लिए महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।
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