कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता की हैट्रिक के बाद चौथी बार कमान संभालने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। कालीघाट से जारी इस लिस्ट में पार्टी ने 'एंटी-इनकंबेंसी' (सत्ता विरोधी लहर) को काटने के लिए बड़ा फेरबदल करते हुए 75 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं।
भवानीपुर: चुनाव का सबसे बड़ा केंद्र
नंदीग्राम का बदला: 2021 में नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी से मिली मामूली हार के बाद, अब भवानीपुर में दोनों दिग्गज फिर आमने-सामने होंगे। भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को ममता बनर्जी के खिलाफ उनके ही गढ़ में उतारकर मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
रणनीतिक बदलाव: नंदीग्राम सीट पर TMC ने भाजपा से लौटे पंचायत नेता पबित्र कर पर दांव खेला है।
TMC की नई रणनीति: 'सितारों' की जगह 'कार्यकर्ता'
इस बार की सूची में फिल्मी हस्तियों और मशहूर चेहरों की संख्या कम की गई है। पार्टी ने उन नेताओं को तरजीह दी है जो:
बूथ मैनेजमेंट में माहिर हों।
स्थानीय स्तर पर नेटवर्क बनाए रख सकें।
मतदाताओं को सीधे गोलबंद करने की क्षमता रखते हों।
उम्मीदवारों का गणित:
| श्रेणी | संख्या |
| कुल उम्मीदवार | 291 (3 सीटें सहयोगियों के लिए) |
| महिलाएं | 52 |
| SC/ST | 95 |
| अल्पसंख्यक | 47 |
| नए चेहरे | 75 विधायकों की जगह नए प्रत्याशी |
प्रमुख नाम और बदलाव:
मैदान में खिलाड़ी: एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता स्वप्ना बर्मन (राजगंज) और पूर्व क्रिकेटर शिव शंकर पाल (तूफानगंज)।
नए चेहरे: कल्याण बनर्जी के बेटे सिर्सन बनर्जी और कुणाल घोष (बेलियाघाटा)।
वरिष्ठ मंत्री: फरहाद हकीम, अरूप बिस्वास और चंद्रिमा भट्टाचार्य अपनी पुरानी सीटों से ही चुनाव लड़ेंगे।
बाहर हुए दिग्गज: पार्थ चटर्जी, चिरंजीत चक्रवर्ती और परेश पाल जैसे बड़े नामों को इस बार टिकट नहीं मिला है।
"हम 291 सीटों पर लड़ रहे हैं और हमें विश्वास है कि जनता के आशीर्वाद से हम 226 से अधिक सीटें जीतकर चौथी बार सेवा का अवसर प्राप्त करेंगे।"
— ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल
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