आइजोल: मिजोरम विधानसभा के 28 दिवसीय बजट सत्र का समापन एक बड़े सामाजिक सुधार के साथ हुआ है। सदन ने सर्वसम्मति से 'मिजो विवाह और संपत्ति का उत्तराधिकार (संशोधन) विधेयक, 2026' सहित कुल 10 महत्वपूर्ण सरकारी विधेयकों को पारित कर दिया है। यह नया कानून न केवल बहुविवाह (Polygamy) को प्रतिबंधित करता है, बल्कि मिजो समाज में महिलाओं के अधिकारों को भी मजबूती प्रदान करता है।
प्रमुख विधायी बदलाव और सुधार:
बहुविवाह पर प्रतिबंध: नए संशोधन के बाद अब राज्य में बहुविवाह को कानूनी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसे महिला अधिकारों की दिशा में एक प्रगतिशील कदम माना जा रहा है।
संपत्ति में अधिकार: विधेयक में महिलाओं के संपत्ति उत्तराधिकार अधिकारों को बढ़ाने का विशेष प्रावधान किया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से अधिक स्वतंत्र बनाया जा सके।
मिजो भाषा का गौरव: विधानसभा ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव अपनाते हुए केंद्र सरकार से मिजो भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की आधिकारिक मांग की है।
अन्य महत्वपूर्ण विधेयक:
सत्र के दौरान अध्यक्ष लालबियाकजामा ने बताया कि बहुविवाह विधेयक के अलावा, सदन ने 'मिजोरम (सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण निवारण) विधेयक, 2026' और 'मिजोरम राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026' को भी हरी झंडी दी है।
अध्यक्ष की रिपोर्ट:
17 फरवरी से शुरू हुआ यह बजट सत्र सोमवार देर रात अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। अध्यक्ष ने सत्र की कार्यवाही को सफल बताते हुए कहा कि ये कानून राज्य के विकास और सामाजिक न्याय के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।
"इन विधेयकों का पारित होना मिजोरम की बदलती सामाजिक चेतना का प्रतीक है। हम परंपराओं का सम्मान करते हुए आधुनिक और न्यायपूर्ण समाज की ओर बढ़ रहे हैं।" — लालबियाकजामा, अध्यक्ष, मिजोरम विधानसभा
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