नई दिल्ली (18 मार्च 2026): केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि ये फैसले 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को ध्यान में रखकर लिए गए हैं, जिनसे देश में निवेश और करोड़ों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
1. भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA): ₹33,660 करोड़
यह इस कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा फैसला है। इसके तहत उद्योगों के लिए 'तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर' (Plug-and-Play) उपलब्ध कराया जाएगा।
लक्ष्य: देशभर में 100 अत्याधुनिक औद्योगिक पार्क विकसित करना।
सरकारी सहायता: सरकार प्रति एकड़ ₹1 करोड़ तक की वित्तीय मदद देगी।
नियम: सामान्य क्षेत्रों में न्यूनतम 100 एकड़ और पहाड़ी/पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 25 एकड़ भूमि अनिवार्य है।
अवधि: यह योजना 2026-27 से 2031-32 तक लागू रहेगी।
2. यूपी को सौगात: NH-927 बाराबंकी-बहराइच 4-लेन हाईवे
उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नया आयाम देने के लिए ₹6,969 करोड़ की सड़क परियोजना मंजूर की गई है।
लंबाई: 101.5 किलोमीटर लंबा खंड 4-लेन बनाया जाएगा।
रोजगार: अनुमान है कि इस निर्माण से 79 लाख से ज्यादा (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष) रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
3. लघु जलविद्युत विकास योजना: ₹2,585 करोड़
नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) की दिशा में सरकार ने पर्यावरण-अनुकूल कदम उठाया है।
क्षमता: 1,500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन का लक्ष्य।
विशेषता: ये परियोजनाएं 'Run-of-the-River' (नदी के प्रवाह) पर आधारित होंगी, जिनमें न बांध की जरूरत होगी और न ही विस्थापन का संकट होगा।
निवेश: सरकार को उम्मीद है कि इससे निजी क्षेत्र से ₹15,000 करोड़ का निवेश आएगा।
4. कपास किसानों को ₹1,718 करोड़ की राहत
किसानों की आय सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एमएसपी (MSP) खरीद के घाटे की भरपाई को मंजूरी दी है।
लाभार्थी: करीब 7.25 लाख कपास किसान सीधे लाभान्वित हुए हैं।
खरीद: भारतीय कपास निगम (CCI) ने 33 लाख गांठ कपास की खरीद की है, जिसके लिए किसानों को ₹11,712 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।
कैबिनेट फैसलों का संक्षिप्त विवरण (At a Glance):
| सेक्टर | योजना/परियोजना | आवंटित राशि (₹ करोड़) | मुख्य लाभ |
| उद्योग | भव्य (BHAVYA) योजना | 33,660 | 100 नए औद्योगिक पार्क |
| सड़क | NH-927 (यूपी) | 6,969 | बेहतर कनेक्टिविटी व रोजगार |
| ऊर्जा | लघु जलविद्युत | 2,585 | 1500 MW ग्रीन एनर्जी |
| कृषि | कपास MSP प्रतिपूर्ति | 1,718 | 7.25 लाख किसानों को सुरक्षा |
Powered by Froala Editor




