नयी दिल्ली (4 अप्रैल 2026): बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने समुद्री क्षेत्र में 'इज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने के लिए नए नियमों का ढांचा तैयार किया है। तटीय पोत परिवहन (विदेशी जहाजों का लाइसेंस) नियम 2026 के तहत अब घरेलू समुद्री व्यापार में पारदर्शिता और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:
कानूनी ढांचा: सरकार ने 'बिल्स ऑफ लैडिंग एक्ट 2025' और 'मर्चेंट शिपिंग एक्ट 2025' के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए तकनीकी समितियों का गठन किया है।
क्षमता निर्माण: नाविकों के संघों और शिपिंग कंपनियों के साथ मिलकर नए नियमों को सरल भाषा में तैयार किया जा रहा है।
निर्यात को बढ़ावा: पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच रसद (Logistics) बाधाओं को दूर करने के लिए 'RELIEF' योजना के तहत निर्यातकों को सहायता दी जा रही है।
तटीय डेटाबेस: भारत ने अपना राष्ट्रीय तटीय डेटाबेस तैयार करना शुरू कर दिया है ताकि हर जहाज की आवाजाही पर सटीक नजर रखी जा सके।
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