मुंबई (4 अप्रैल 2026): भारतीय सेंसर बोर्ड (CBFC) ने सिनेमा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग को विनियमित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। अब यदि किसी फिल्म में एआई का उपयोग करके किसी मृत कलाकार को जीवंत किया जाता है, तो फिल्म की शुरुआत में एक स्पष्ट डिस्क्लेमर (Disclaimer) देना अनिवार्य होगा।

मुख्य बिंदु और विस्तृत विश्लेषण:

  • प्रसून जोशी का बयान: बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने कहा कि "तकनीक का स्वागत है, लेकिन रचनात्मक नैतिकता और कलाकारों के अधिकारों से समझौता नहीं किया जा सकता।"

  • सहमति पत्र: एआई के जरिए किसी की आवाज या चेहरे का उपयोग करने के लिए संबंधित व्यक्ति या उनके परिवार का 'डिजिटल राइट्स एग्रीमेंट' सेंसर बोर्ड को दिखाना होगा।

  • डीपफेक पर रोक: ऐसी किसी भी सामग्री को सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा जो किसी व्यक्ति की छवि खराब करने के लिए एआई का दुरुपयोग करती हो।

  • श्रेणी: एआई प्रधान फिल्मों के लिए एक नई 'AI-Enhanced' श्रेणी बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।

Powered by Froala Editor