अहमदाबाद: ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने शनिवार को इस उत्सव का उद्घाटन करते हुए गुजरात और ओडिशा के बीच गहरे सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को रेखांकित किया।

महोत्सव की मुख्य विशेषताएं:

  • एक ही छत के नीचे ओडिशा: आगंतुकों को ओडिशा की जीवंत परंपराओं, कलात्मक अभिव्यक्तियों, हस्तशिल्प और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का अनुभव करने का अवसर मिल रहा है।

  • सजीव शिल्प प्रदर्शन (Live Craft): मेले का मुख्य आकर्षण कुशल कारीगरों द्वारा किया जा रहा सजीव प्रदर्शन है, जहाँ लोग पारंपरिक शिल्प कौशल को अपनी आँखों से देख सकते हैं।

  • GI-टैग उत्पाद: यहाँ ओडिशा के प्रसिद्ध हथकरघा वस्त्र (जैसे संबलपुरी साड़ियाँ) और हाथ से बनी पारंपरिक कलाकृतियों के विशेष स्टॉल लगाए गए हैं।

  • प्रसिद्ध व्यंजन: कार्यक्रम में ओडिशा के पारंपरिक स्वादों (जैसे रसगुल्ला और छेनापोड़ा) का आनंद लेने के लिए समर्पित फूड स्टॉल भी मौजूद हैं।

'मिनी ओडिशा' और गुजरात का संबंध:

उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में एक महत्वपूर्ण बात कही:

"गुजरात हमारे लिए दूसरे घर जैसा है। विशेष रूप से सूरत जैसे शहर यहाँ रहने वाले विशाल उड़िया समुदाय के कारण ‘मिनी ओडिशा’ बन गए हैं। यह आयोजन उस बंधन को और मजबूत करेगा।"

दर्शन का समय:

  • तारीख: 21 मार्च से 23 मार्च 2026 तक।

  • समय: सुबह 11:00 बजे से रात 11:00 बजे तक।

  • स्थान: गुजरात विश्वविद्यालय सम्मेलन और प्रदर्शनी केंद्र (GUCEC), अहमदाबाद।

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